SIR Drive Update: क्या 2026 चुनाव से पहले वोटर लिस्ट पूरी तरह बदल जाएगी?

देश भर के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे Special Intensive Revision (SIR) Drive के बीच चुनाव आयोग (ECI) ने महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। आयोग के अनुसार, अब तक लगभग 99% वोटरों तक Enumeration Forms (EFs) पहुँच चुके हैं। इनमें से 13.64 करोड़ से अधिक फॉर्म डिजिटल रूप से दर्ज हो चुके हैं, जो कुल फॉर्म का लगभग 26.77% है।

किन राज्यों में सबसे ज्यादा फॉर्म बांटे गए?

चुनाव आयोग के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 27 अक्टूबर तक देश के 50.97 करोड़ वोटरों में से 50.43 करोड़ लोगों को फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं।

गोवा और लक्षद्वीप ने 100% फॉर्म वितरण का लक्ष्य पूरा कर लिया है।

गोवा में कुल 11,85,034 वोटरों को Enumeration Forms मिले हैं।

लक्षद्वीप में 57,813 फॉर्म बांटे गए हैं, और यहाँ 61.30% फॉर्म डिजिटाइज भी हो चुके हैं—जो सभी राज्यों में सबसे अधिक है।

वहीं दूसरी ओर,

केरल में डिजिटाइजेशन की दर सबसे कम 6.18%,

जबकि उत्तर प्रदेश में केवल 9.21% डिजिटाइजेशन हुआ है।

SIR ड्राइव क्यों जरूरी है?

SIR यानी Special Intensive Revision वोटर लिस्ट की सटीकता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया है। Enumeration Forms के आधार पर ही यह तय होता है कि कौन सा व्यक्ति eligible voter है।

ये फॉर्म

चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं

और Booth Level Officers (BLOs) घर-घर जाकर इन्हें बांटते हैं।

पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू

पश्चिम बंगाल में SIR ड्राइव के साथ ही 2026 Assembly Elections की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। इसमें शामिल हैं:

EVMs की First Level Checking (FLC)

Voting Rehearsal

VVPAT मशीनों का स्टॉक सत्यापन

डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश भारती ने कोलकाता में FLC टीम के साथ मीटिंग कर तैयारियों की समीक्षा की।

राज्य के पास इस समय:

1.30 लाख EVMs (Ballot, Control Unit और Reserve मिलाकर)

1.35 लाख VVPAT Machines स्टॉक में मौजूद हैं।

EVM में इस बार बड़ा बदलाव: Candidate Photo भी दिखेगी

चुनाव आयोग ने नए नियम लागू करते हुए बताया कि अब EVM Display Panel पर:

उम्मीदवार का नाम,

पार्टी का सिंबल,

और पहली बार उम्मीदवार की फोटो भी दिखाई जाएगी।

उम्मीदवार की इमेज EVM Button के ठीक बगल में होगी और इसे ट्रेनिंग सेशन्स में भी दिखाया जाएगा। इससे वोटिंग में transparency और clarity दोनों बढ़ेंगी।

2021 की तुलना में 2026 में बढ़ेंगे 15,000 Polling Booth

पश्चिम बंगाल में बूथों की संख्या 2021 के

80,681 बूथों से बढ़कर
2026 में लगभग

95,000 बूथ हो जाएगी।

इससे वोटिंग मैनेजमेंट और crowd-control में सुधार होगा।

SIR ड्राइव पर राजनीतिक विवाद भी तेज

SIR प्रक्रिया को लेकर राज्य में राजनीतिक माहौल भी गर्म है।

TMC और Congress समेत कई विपक्षी पार्टियों ने इस प्रक्रिया का विरोध किया है।
उनका कहना है कि इससे कई eligible voters लिस्ट से बाहर हो सकते हैं।

वहीं BJP ने TMC पर आरोप लगाया कि वह चुनाव अधिकारियों पर दबाव बनाकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।