Serious allegations made by Congress leader on Lata Mangeshkar's family, case related to Pune's death
मंगेशकर परिवार पर Congress नेता का आरोप: ‘लुटेरों का गिरोह’, पुणे की महिला की मौत बनी विवाद की वजह
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार (Vijay Wadettiwar) ने दिग्गज गायिका लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) के परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पुणे (Pune) के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल (Deenanath Mangeshkar Hospital) में एक गर्भवती महिला की मौत के बाद परिवार को ‘लुटेरों का गिरोह’ (Looters Gang Allegation) बताया।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यह विवाद तब सामने आया जब भाजपा (BJP) के विधान परिषद सदस्य अमित गोरखे (Amit Gorkhe) के निजी सचिव की पत्नी तनीषा भिसे (Tanisha Bhise) को कथित तौर पर अस्पताल में भर्ती करने से मना कर दिया गया। वजह बताई गई कि 10 लाख रुपये की अग्रिम राशि जमा नहीं की गई थी। बाद में तनीषा को किसी और अस्पताल में ले जाया गया, जहां जुड़वां बच्चियों को जन्म देने के बाद उसकी मौत हो गई।
विजय वडेट्टीवार का तीखा बयान
वडेट्टीवार ने कहा, “मंगेशकर परिवार मानवता पर धब्बा है। यह परिवार सिर्फ मुनाफा कमाने में विश्वास रखता है। क्या आपने कभी सुना कि उन्होंने गरीबों के लिए कोई दान किया हो? सिर्फ गाने की वजह से उन्हें सराहा गया है, पर समाज के लिए कोई योगदान नहीं दिया। जिस व्यक्ति ने अस्पताल की ज़मीन दान की, उसी के साथ अच्छा व्यवहार नहीं हुआ।”
उन्होंने आगे यह भी मांग की कि Charitable Hospital के नाम पर चल रहे इस संस्थान की जांच होनी चाहिए और गरीबों से पैसा वसूलना बंद होना चाहिए।
Dinanath Mangeshkar Hospital का इतिहास
पुणे के एरंडवणे क्षेत्र में स्थित यह अस्पताल 800 बेड्स का है और इसे 2001 में शुरू किया गया था। इसका नाम प्रसिद्ध मराठी गायक और अभिनेता दीनानाथ मंगेशकर (Dinanath Mangeshkar) के नाम पर रखा गया, जो लता मंगेशकर के पिता थे। इस अस्पताल के लिए ज़मीन Khilare Patil Family द्वारा दान में दी गई थी।
सरकार की जांच समिति की रिपोर्ट
महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की है। प्रारंभिक रिपोर्ट में यह सामने आया कि अस्पताल ने Charitable Hospital Guidelines का उल्लंघन किया है। इन मानकों के अनुसार, इमरजेंसी केस में किसी भी प्रकार की Advance Payment की मांग नहीं की जा सकती।
मंगेशकर परिवार की चुप्पी
अब तक मंगेशकर परिवार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन Vijay Wadettiwar के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है, और BJP समेत कई अन्य पार्टियों ने उनकी टिप्पणी की निंदा की है।