Sainik School Ghorakhal बना Cross Country Race Champion, जानिए किन स्कूलों ने ली भागीदारी

उत्तराखंड के Nainital जिले स्थित Sainik School Ghorakhal ने अपनी गौरवशाली परंपरा को जारी रखते हुए Inter School Cross Country Race 2025 में ओवरऑल चैंपियन का खिताब अपने नाम कर लिया। यह प्रतियोगिता Old Boys Association (OBA) द्वारा स्कूल की हीरक जयंती (Diamond Jubilee) के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी।

8 स्कूलों ने लिया हिस्सा, Ghorakhal रहा सबसे आगे

इस प्रतियोगिता में क्षेत्र के कुल 8 प्रतिष्ठित विद्यालयों ने भाग लिया, जिनमें शामिल थे:

Lex International School, भीमताल

De Vito School, भवाली

G.B. Pant Inter College, भवाली

Nancy Convent, ज्योलिकोट

Parvati Prema Jagati School

Indian Shaheed Sainik Vidyalaya, नैनीताल

Hermann Gmeiner School, भीमताल

और मेजबान Sainik School Ghorakhal

कड़े मुकाबले के बाद, Sainik School Ghorakhal ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Overall Champion Trophy जीती।
Indian Shaheed Sainik Vidyalaya, Nainital द्वितीय और Parvati Prema Jagati School तृतीय स्थान पर रहे।

OBA ने किया सफल आयोजन

इस प्रतियोगिता का आयोजन Old Boys Association (OBA) के सहयोग से किया गया। आयोजन सचिव विभव श्रीवास्तव और महासचिव विनोद सिंह के नेतृत्व में कार्यक्रम को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया गया।
Principal Group Captain V.S. Dangwal ने विजेताओं को पुरस्कृत करते हुए कहा —

“ऐसे आयोजनों से छात्रों में अनुशासन, साहस और प्रतिस्पर्धा की भावना मजबूत होती है, जो उन्हें भविष्य में एक बेहतर लीडर बनाती है।”

Ghorakhal: अनुशासन और राष्ट्रसेवा की मिसाल

Sainik School Ghorakhal देश के उन चुनिंदा विद्यालयों में से है जो विद्यार्थियों को Defence Services में जाने के लिए तैयार करते हैं। यह Residential School नैनीताल जिले के शांत पर्वतीय इलाके में स्थित है और अपनी academic excellence व military discipline के लिए प्रसिद्ध है।

यहां प्रवेश Class 6 और 9 में AISSEE (All India Sainik School Entrance Exam) के माध्यम से होता है, जो NTA (National Testing Agency) द्वारा आयोजित की जाती है।

कक्षा 6 में प्रवेश के लिए आयु सीमा 10 से 12 वर्ष

कक्षा 9 के लिए 13 से 15 वर्ष निर्धारित है।

उत्तराखंड के मूल निवासियों के लिए 67% seats आरक्षित हैं, जबकि शेष 33% seats अन्य राज्यों के छात्रों के लिए होती हैं।
विद्यालय न केवल education बल्कि leadership, sportsmanship और moral values के लिए भी जाना जाता है।

निष्कर्ष: हीरक जयंती में दिखा अनुशासन और देशभक्ति का संगम

हीरक जयंती के अवसर पर आयोजित यह प्रतियोगिता न केवल छात्रों की physical fitness और team spirit को बढ़ाने का माध्यम बनी, बल्कि इसने सैनिक स्कूल की उस परंपरा को भी दोहराया, जिसमें हर विद्यार्थी में “देश सेवा का जज़्बा” जगाने की भावना निहित है।