Rubina Khatoon used to apply sandalwood tilak in Haridwar, there was a stir as soon as her real identity was revealed!
Bangladeshi Woman Arrested: उत्तराखंड के हरिद्वार में Har Ki Pauri पर श्रद्धालुओं के बीच तिलक लगाने वाली एक महिला की असली पहचान सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। यह महिला कोई और नहीं, बल्कि बांग्लादेश से अवैध तरीके से भारत आई रुबीना खातून है, जो पिछले आठ सालों से ‘रुबी देवी’ के नाम से हरकी पैड़ी पर रह रही थी।
पहचान बदली, धर्म बदला और शादी भी की
पुलिस के अनुसार, रुबीना खातून ने यूपी के पीलीभीत निवासी हिंदू युवक संतोष दुबे से शादी कर ली थी और खुद को ‘रुबी देवी’ के नाम से पेश कर रही थी। दोनों पति-पत्नी श्रद्धालुओं के माथे पर चंदन तिलक लगाकर जीवन यापन कर रहे थे।
बांग्लादेश से 2017-18 में घुसी, फर्जी आधार कार्ड भी बरामद
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि रुबीना 2017-18 में अपने नाबालिग बेटे के साथ भारत में घुसपैठ कर आई थी। जांच में दो फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए हैं। SSP प्रमेन्द्र डोबाल के अनुसार, रुबीना अभी भी बांग्लादेश में रह रहे अपने परिवार से संपर्क में थी।
अवैध नागरिकों पर सत्यापन अभियान में हुआ पर्दाफाश
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हरिद्वार पुलिस ने वेरिफिकेशन ड्राइव तेज कर दी है। इसी अभियान में रुबीना खातून की फर्जी पहचान और नागरिकता की पोल खुली। आमतौर पर कलियर क्षेत्र में बांग्लादेशी घुसपैठ के मामले मिलते थे, लेकिन यह पहला मामला है जिसमें हरिद्वार जैसे धार्मिक स्थल पर ऐसी घुसपैठ पकड़ी गई।
पूरे परिवार ने की घुसपैठ, कई अन्य शहरों में फैला नेटवर्क
रुबीना ने खुलासा किया कि उसके परिवार के कई सदस्य बांग्लादेश से भारत में घुसे हैं, जो देश के विभिन्न शहरों में रह रहे हैं। पुलिस अब इनसे जुड़ी कड़ी पकड़ने में जुटी हुई है ताकि पूरे नेटवर्क को तोड़ा जा सके।
हरिद्वार जैसे धार्मिक और संवेदनशील शहर में बांग्लादेशी महिला द्वारा धर्म और पहचान बदलकर अवैध गतिविधियों में संलिप्त रहना न केवल सुरक्षा एजेंसियों के लिए चेतावनी है बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि फर्जी दस्तावेज इतने आसानी से कैसे बनते हैं?
यह घटना देश की आंतरिक सुरक्षा, Digital Identity Verification और Illegal Immigration पर कड़ा सवाल उठाती है।