Relief for Delhi-bound travelers amidst the Kanwar Yatra: fare reduced by ₹65 and a saving of 3 hours.
Kanwar Yatra 2026 के चलते दिल्ली और उत्तराखंड के बीच यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए देहरादून से दिल्ली जाने वाली बसों का Route Diversion किया गया है। अब बसें रुड़की और मुजफ्फरनगर के रास्ते जाने के बजाय Delhi-Dehradun Expressway से संचालित की जा रही हैं। इस बदलाव का फायदा यात्रियों को भी मिल रहा है। दिल्ली जाने वाले यात्रियों का बस किराया 65 रुपये तक कम हो गया है और सफर के समय में करीब तीन घंटे की बचत हो रही है।
दिल्ली का बस किराया ₹420 से घटकर ₹355 हुआ
रूट बदलने से देहरादून से दिल्ली जाने वाली बसों का किराया कम हो गया है। पहले Roorkee-Muzaffarnagar Route से दिल्ली पहुंचने के लिए यात्रियों को करीब 420 रुपये देने पड़ते थे। अब एक्सप्रेसवे के रास्ते बसों के संचालन से यह किराया घटकर करीब 355 रुपये रह गया है।
यानी यात्रियों को सीधे 65 रुपये की बचत हो रही है। इतना ही नहीं, पहले दिल्ली पहुंचने में लगभग छह घंटे लगते थे, जबकि नए रूट से सफर करीब तीन घंटे में पूरा हो रहा है। इस तरह यात्रियों का समय भी बच रहा है और सफर पहले की तुलना में आसान हुआ है।
दिल्ली के साथ इन शहरों के लिए भी बदला रूट
कांवड़ यात्रा के दौरान Traffic Diversion के तहत देहरादून से दिल्ली के अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद, जयपुर और आगरा जाने वाली बसों को भी नए मार्ग से भेजा जा रहा है। ऋषिकेश से चलने वाली बसों को भी देहरादून होते हुए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की ओर भेजने की व्यवस्था की गई है।
परिवहन अधिकारियों के मुताबिक, कांवड़ यात्रा के दौरान मुख्य मार्गों पर भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए यह व्यवस्था यात्रियों की सुविधा के लिए लागू की गई है।
दिल्ली-देहरादून हाईवे पर कांवड़ियों के लिए अलग लेन
कांवड़ यात्रा को देखते हुए Delhi-Dehradun Highway (NH-58) के एक हिस्से को कांवड़ियों के लिए आरक्षित किया गया है। परतापुर से उत्तराखंड तक हाईवे की एक लेन पर कांवड़ियों की आवाजाही होगी, जबकि दूसरी लेन पर वाहनों को नियंत्रित तरीके से चलाया जाएगा।
कांवड़ियों की संख्या बढ़ने पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की एक लेन को भी उनके लिए आरक्षित करने की तैयारी है। इसके बाद सामान्य वाहनों के लिए Traffic Management Plan के तहत वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल कराया जाएगा।
बागपत, गाजियाबाद और नोएडा जाने वालों के लिए भी डायवर्जन
कांवड़ यात्रा के कारण बागपत से दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी रूट में बदलाव किया गया है। ऐसे वाहन शामली से करनाल, पानीपत और सोनीपत होते हुए आगे जा सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के जरिए भी इन शहरों तक पहुंचने का विकल्प रहेगा।
वहीं, दिल्ली, गाजियाबाद, बुलंदशहर और नोएडा से बागपत आने वाले वाहनों को कुछ मार्गों पर प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे वाहनों को वैकल्पिक रूट से सफर करना होगा।
मेरठ जाने वाले वाहनों के लिए भी नया ट्रैफिक प्लान
Delhi-Meerut Expressway पर भी कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। पांच अगस्त से एक लेन कांवड़ियों के लिए आरक्षित किए जाने की योजना है। फिलहाल दूसरी लेन से हल्के वाहनों को मेरठ से दिल्ली की ओर जाने की अनुमति रहेगी।
दिल्ली से मेरठ, हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों की ओर आने वाले वाहनों को गाजीपुर बॉर्डर से एनएच-9, यूपी गेट और डासना इंटरचेंज होते हुए पिलखुवा-हापुड़ की तरफ भेजा जाएगा। इसके बाद निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से मेरठ पहुंचने की व्यवस्था रहेगी।
भारी वाहनों के लिए अलग रूट तय
Heavy Vehicle Diversion के तहत दिल्ली और गाजियाबाद की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को भी वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। कुछ वाहनों को सिम्भावली कट से गंगा एक्सप्रेसवे की ओर भेजने की योजना है, जबकि गजरौला, अमरोहा और आसपास के शहरों के लिए अलग-अलग कट और मार्ग निर्धारित किए गए हैं।
लखनऊ, बरेली और मुरादाबाद की ओर से दिल्ली-गाजियाबाद जाने वाले वाहनों को भी निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना होगा। यातायात का दबाव बढ़ने पर हल्के वाहनों और बाइक के लिए भी रूट डायवर्जन लागू किया जा सकता है।
यात्रियों को निकलने से पहले Traffic Update देखने की सलाह
कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, गाजियाबाद और दिल्ली की ओर जाने वाले रास्तों पर भारी भीड़ की संभावना है। ऐसे में यात्रियों को सफर शुरू करने से पहले Kanwar Yatra Traffic Advisory, Route Diversion, Delhi-Meerut Traffic Update और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी जरूर देखनी चाहिए।
नए रूट से फिलहाल दिल्ली जाने वाले यात्रियों को ₹65 तक की बचत के साथ करीब 3 घंटे का समय भी बच रहा है। हालांकि, कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के साथ ट्रैफिक प्लान में आगे भी बदलाव किया जा सकता है।