Uttarakhand Civic Body Elections: Vote counting underway in Pati Nagar Panchayat; ward results declared.
Uttarakhand Pre SIR Process के तहत चल रही तैयारियों में राजनीतिक दलों की धीमी रफ्तार सामने आई है। प्रदेश में प्रस्तावित Special Intensive Revision (SIR) से पहले जारी प्री-एसआईआर गतिविधियों के बावजूद, पार्टियां अब तक सभी बूथों पर Booth Level Agent (BLA) की नियुक्ति नहीं कर पाई हैं। राज्य में कुल 11,733 बूथ हैं, लेकिन फिलहाल केवल 8,700 बूथों पर ही बीएलए नियुक्त किए गए हैं।
भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) के निर्देश पर उत्तराखंड में Pre SIR Activity की शुरुआत 4 दिसंबर 2025 से की गई थी। इससे पहले मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO Uttarakhand) कार्यालय ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर प्रत्येक बूथ पर बीएलए नियुक्त करने पर जोर दिया था, ताकि SIR voter list verification के दौरान बीएलओ को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके बावजूद एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रक्रिया अधूरी है।
Pre SIR Phase में क्या हो रहा है?
प्री-एसआईआर चरण में राज्यभर में मतदाता सूची से जुड़े डाटा को अपडेट करने की प्रारंभिक कवायद की जा रही है। इस दौरान
वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज करीब 40 वर्ष तक की आयु वाले मतदाताओं की सीधे BLO App Mapping की जा रही है।
वहीं, 40 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे मतदाता जिनका नाम 2003 की वोटर लिस्ट में नहीं है, उन्हें माता-पिता या दादा-दादी के नाम के आधार पर progeny mapping के जरिए जोड़ा जा रहा है।
इस पूरी प्रक्रिया का मकसद आगामी Special Intensive Revision of Electoral Roll को सुचारू और पारदर्शी बनाना है।
अभी 3,033 बीएलए की नियुक्ति बाकी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक राजनीतिक दलों ने केवल 8,700 बीएलए ही नियुक्त किए हैं।
एक प्रमुख राजनीतिक दल ने लगभग 5,300 BLA नियुक्त किए हैं।
दूसरी बड़ी पार्टी की ओर से करीब 3,200 BLA लगाए गए हैं।
अन्य दलों ने मिलकर सिर्फ 200 BLA नियुक्त किए हैं।
जबकि प्रदेश के सभी 11,733 polling booths पर बीएलए की नियुक्ति अनिवार्य है। यह आंकड़ा साफ संकेत देता है कि या तो दलों की प्राथमिकता कम है या फिर उन्हें पर्याप्त कार्यकर्ता नहीं मिल पा रहे हैं।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी का बयान
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि बीएलओ राज्यभर में घर-घर जाकर मतदाताओं से संवाद कर रहे हैं और उन्हें आने वाले SIR campaign के बारे में जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि जिनका नाम 2003 की वोटर लिस्ट में नहीं है, वे जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें, ताकि एसआईआर के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजनीतिक दलों से लगातार अनुरोध किया जा रहा है और उम्मीद है कि जनवरी के अंत तक सभी बूथों पर बीएलए नियुक्त कर दिए जाएंगे।
कांग्रेस और बीजेपी की तैयारी
Congress SIR Coordination Committee के सदस्य अमरेंद्र बिष्ट के अनुसार, कांग्रेस ने पहले सभी 70 विधानसभा सीटों पर BLA-1 नियुक्त किए और अब BLA-2 appointment की प्रक्रिया चल रही है। पार्टी का दावा है कि 15–20 जनवरी तक सभी बूथों की सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को सौंप दी जाएगी।
वहीं भाजपा के नेता और कोषाध्यक्ष पुनीत मित्तल ने बताया कि पार्टी अब तक करीब 5,300 BLA नियुक्त कर चुकी है, जबकि 4,700 नामों की सूची वेरिफिकेशन में है। भाजपा भी जनवरी के अंत तक सभी बूथों पर बीएलए नियुक्त करने का दावा कर रही है।
आखिर BLA क्यों हैं जरूरी?
Booth Level Agent (BLA) राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधि होते हैं, जिन्हें हर पोलिंग बूथ पर मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी जाती है। यह व्यवस्था 2008 से लागू है और इसका उद्देश्य free and fair elections सुनिश्चित करना है। बीएलए, बीएलओ के साथ मिलकर नाम जोड़ने-हटाने, डुप्लीकेट एंट्री और मृत मतदाताओं की पहचान जैसे कामों में मदद करते हैं।
क्या है SIR?
SIR (Special Intensive Revision) चुनाव आयोग द्वारा चलाया जाने वाला एक विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य वोटर लिस्ट को पूरी तरह अपडेट और त्रुटिरहित बनाना है। इसके तहत
मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं,
डुप्लीकेट नामों को हटाया जाता है,
और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ा जाता है।
इस प्रक्रिया में BLO door-to-door survey किया जाता है और संदिग्ध मामलों को सत्यापन श्रेणी में रखा जाता है।