Paresh Rawal Troll Reaction: पेशाब पीने पर हुआ बवाल, अब खुद किया खुलासा

Veteran Bollywood Actor Paresh Rawal अपने एक पुराने बयान को लेकर इन दिनों सुर्खियों में हैं। उन्होंने हाल ही में खुलासा किया कि करीब 40 साल पहले उन्होंने अपनी टूटी हुई हड्डी को जल्दी ठीक करने के लिए urine therapy अपनाई थी — यानी उन्होंने खुद का पेशाब पीया था। इस बयान के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर तगड़ा ट्रोल किया गया।

Bollywood Hungama को दिए इंटरव्यू में परेश रावल ने ट्रोलर्स पर चुटकी लेते हुए कहा:

“मैंने किसी को पेशाब पीने को नहीं कहा। या फिर वो इसलिए नाराज़ हैं कि मैंने उन्हें नहीं दिया? शायद उन्हें लगा कि मैं अकेले पी गया और उन्हें नहीं दिया।”

 “40 साल पुरानी बात थी, लोग आज मज़ाक बना रहे हैं”

परेश रावल ने कहा कि उन्होंने तो बस अपने जीवन की एक घटना साझा की थी जो बहुत पुरानी थी, लेकिन लोग बिना संदर्भ समझे उस पर मज़ाक बना रहे हैं।

“राई का पहाड़ बनाना लोगों की आदत है। उन्हें जो करना है, करने दो। मुझे फर्क नहीं पड़ता। कई लोग इस टॉपिक पर मुझसे जुड़ चुके हैं।”

 अक्षय कुमार को दोस्त नहीं, ‘कलीग’ क्यों कहा?

इसी इंटरव्यू में परेश रावल ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अक्षय कुमार को friend नहीं बल्कि colleague कहा था। उन्होंने कहा:

“दोस्ती वो होती है जब आप महीने में 5-6 बार मिलते हैं, हफ्ते में कई बार बात करते हैं। ना मैं, ना ही अक्षय इतने सोशल इंसान हैं। इसलिए हमने एक-दूसरे को ‘कलीग’ कहा। लोगों ने इस पर भी बेवजह कयास लगाए।”

 आखिर क्या था पेशाब पीने वाला किस्सा?

परेश रावल ने एक पुराने इंटरव्यू में The Lallantop से बातचीत के दौरान बताया था कि एक बार अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उनसे मिलने वीरू देवगन (अजय देवगन के पिता) आए थे। परेश ने अपनी broken bone की शिकायत बताई, तो वीरू ने सलाह दी कि हर सुबह सुबह का पहला पेशाब पीना शुरू करो, यह स्टंटमैन लोग अकसर करते हैं।

परेश रावल ने उनकी बात मानी, और हैरानी की बात ये थी कि 15 दिन में ही X-ray में उनकी हड्डी पर “सीमेंट जैसी मजबूती” दिखी। डॉक्टर चौंक गए। जहां उन्हें करीब ढाई महीने अस्पताल में रहना था, वहां वो सिर्फ डेढ़ महीने में ठीक होकर घर लौट आए।

 क्या कहती है साइंस?

 एक प्राचीन वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति है जिसे Shivambu therapy भी कहा जाता है। हालांकि, modern medical science इस पद्धति को समर्थन नहीं देती और इसे अपनाने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेने की सिफारिश करती है।