Pahalgam Attack Impact: मां भारत में, बेटियां पाकिस्तान जाएंगी – इंसानी रिश्तों पर आतंक का हमला

22 अप्रैल को हुए Pahalgam Terrorist Attack ने न केवल निर्दोष ज़िंदगियाँ छीन लीं, बल्कि कई रिश्तों को भी बेसहारा कर दिया। इस हमले के बाद कई दर्दनाक कहानियाँ सामने आ रही हैं, जिनका कोई स्पष्ट हल फिलहाल नज़र नहीं आता। ऐसी ही एक कहानी है Bijnor, Uttar Pradesh की रहने वाली ज़ैनब की, जिसकी दो मासूम बेटियां अब पाकिस्तान लौटने को मजबूर हो गई हैं।

Indian Mother, Pakistani Daughters – Citizenship Crisis

ज़ैनब, जो नजीबाबाद (बिजनौर) के मोहल्ला मुगलूशाह की निवासी हैं, की शादी छह साल पहले पाकिस्तान के लाहौर में अपने रिश्तेदार जाजिब से हुई थी। इस शादी से उन्हें दो बेटियां हुईं – तीन साल की Hurain Fatima और दो साल की Hija Fatima। 24 जनवरी 2025 को ज़ैनब किसी कारणवश अपनी बेटियों के साथ भारत लौट आईं और अब अपने मायके में रह रही हैं।

समस्या यह है कि ज़ैनब भारतीय नागरिक हैं जबकि उनकी बेटियां पाकिस्तान में जन्मी हैं, इसलिए वे Pakistani Citizens मानी जाती हैं।

Tourist Visa Expiry: 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश

Pahalgam Terror Attack के बाद भारत सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए टूरिस्ट या शॉर्ट टर्म वीजा पर आए पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के अंदर देश छोड़ने का निर्देश दिया। इस आदेश का असर ज़ैनब की मासूम बच्चियों पर भी पड़ा है, जिन्हें अब पाकिस्तान लौटना पड़ सकता है, जबकि उनकी मां भारत में ही रहेंगी।

Long Term Visa (LTV) के लिए दौड़-धूप

अपनी बेटियों को साथ रखने की जद्दोजहद में ज़ैनब अधिकारियों के दरवाज़े खटखटा रही हैं। Local Intelligence Unit (LIU) के इंस्पेक्टर अमित चौहान ने बताया कि ज़ैनब को दोनों बेटियों के लिए Long Term Visa Application जमा करना होगा। जांच के बाद रिपोर्ट भेजी जाएगी, जिसके आधार पर LTV मिल सकता है।

अगर LTV स्वीकृत होता है, तो दोनों बेटियां भारत में अपनी मां के साथ रह सकती हैं।

Emotional Trauma: आंसू, दर्द और बेबसी

गुरुवार को ज़ैनब अपने भाई के साथ LIU Office पहुंची थीं। चेहरे पर चिंता की लकीरें और आंखों में आंसू साफ दिखाई दे रहे थे। वह अधिकारियों से बार-बार यही गुहार लगाती रहीं कि उनकी मासूम बेटियों को उनसे जुदा न किया जाए। उन्होंने आतंकवादियों को कोसा, जिनकी वजह से पहले ही रिश्ते तनाव में थे और अब बिखरने की कगार पर हैं।

Zainab की भाभी भी उसी सफर की साथी

ज़ैनब की भाभी सना की कहानी भी कुछ हद तक मिलती-जुलती है। सना की शादी 19 साल पहले पाकिस्तान में ज़ैनब के बड़े भाई नदीम से हुई थी। सना भी अब तक Indian Citizenship प्राप्त नहीं कर सकी हैं और Long Term Visa पर भारत में रह रही हैं। उनके चार बच्चे हैं और पूरा परिवार नजीबाबाद में बसा हुआ है।

 जब Citizenship बन जाए रिश्तों की दीवार

Pahalgam Terror Attack Impact सिर्फ एक सुरक्षा मुद्दा नहीं, बल्कि मानवीय संकट बन चुका है। Visa regulations और National Security policies से कई परिवारों के जीवन में उथल-पुथल मच गई है। ज़ैनब की तरह न जाने कितनी मांएं आज इस दुविधा में हैं कि अपने बच्चों को कैसे संभालें जब कानूनी दीवारें सामने खड़ी हों।

अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या सरकार इन मासूमों के लिए Humanitarian Grounds पर राहत का रास्ता खोलेगी।