उत्तराखंड में नया भू कानून पारित, भू माफिया पर कसेगा शिकंजा

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के चौथे दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था संशोधन विधेयक 2025’ सदन में पेश किया, जिसे विपक्ष की चर्चा की मांग के बावजूद पारित कर दिया गया।

भू सुधार की दिशा में ऐतिहासिक कदम

सीएम धामी ने इसे जनभावनाओं के अनुरूप ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि नए कानून से राज्य की भूमि को भू-माफियाओं से बचाया जा सकेगा और निवेश को भी ध्यान में रखते हुए नियम बनाए गए हैं।

मुख्य प्रावधान और विपक्ष की आपत्ति

विधेयक के तहत प्रदेश के 11 जनपदों में भूमि खरीद पर रोक लगाई गई है और अब जमीन खरीदने के लिए शासन की अनुमति अनिवार्य होगी। विपक्ष ने इस पर आपत्ति जताते हुए इसे प्रवर समिति को भेजने की मांग की, जबकि काजी निजामुद्दीन ने भू-माफिया की स्पष्ट परिभाषा तय करने की बात कही।

सरकार का रुख और भविष्य की दिशा

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि यह कानून इकोनॉमी और इकोलॉजी के संतुलन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके लागू होने से भूमि की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता आएगी और अवैध कब्जों पर रोक लगेगी। सरकार इसे भू सुधार की दिशा में पहला कदम मान रही है और आगे भी इसमें आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।