CBSE Contract Row में नई बहस, BJP बोली- छात्रों को राजनीतिक हथियार बना रही कांग्रेस

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की राजनीति का “पुराना रोग” फिर सामने आ गया है, जिसमें बिना तथ्यों के आरोप लगाकर लोगों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश की जाती है।

CM Rekha Gupta ने Coempt Edu Tech Pvt. Ltd. विवाद को लेकर राहुल गांधी के आरोपों को “Political Propaganda” करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस कंपनी पर राहुल गांधी सवाल उठा रहे हैं, उसी कंपनी को कांग्रेस शासित राज्यों Telangana और Karnataka में सरकारी संस्थानों और विश्वविद्यालयों ने भी काम दिया था।

Telangana और Karnataka का दिया उदाहरण

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि Telangana State Health University ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर कंपनी के काम की सराहना तक की थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी अब अपनी ही पार्टी की राज्य सरकारों पर भी वही आरोप लगाएंगे, जो वे केंद्र सरकार पर लगा रहे हैं।

रेखा गुप्ता ने कहा कि राहुल गांधी की राजनीति का तरीका अब देश अच्छी तरह समझ चुका है। पहले आरोप लगाना, फिर भ्रम फैलाना और जब तथ्य सामने आ जाएं तो साजिश का आरोप लगाकर पीछे हट जाना उनकी पुरानी रणनीति रही है।

“Education Sector पर राजनीति करना गलत”

दिल्ली की मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा जैसे गंभीर विषय पर राजनीति करना बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्र वर्ग को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करना चाहती है, लेकिन देश का युवा अब ऐसे “Propaganda Politics” में नहीं आने वाला।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने शासित राज्यों में हुई प्रक्रियाओं और फैसलों पर जवाब देना चाहिए। CM Rekha Gupta के बयान के बाद BJP और Congress के बीच इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है।

क्या है पूरा Coempt Edu Tech विवाद?

दरअसल, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो जारी कर CBSE की On-Screen Marking (OSM) Process को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि CBSE ने Hyderabad-based कंपनी Coempt Edu Tech Pvt. Ltd. को Contract देने में नियमों की अनदेखी की।

राहुल गांधी का दावा था कि कंपनी को Background Verification के बिना Contract दिया गया और यह मामला छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने सरकार और कंपनी के बीच कथित “Nexus” यानी सांठगांठ का भी आरोप लगाया।

CBSE ने आरोपों को बताया निराधार

हालांकि CBSE ने राहुल गांधी के सभी आरोपों को तुरंत खारिज कर दिया। बोर्ड ने अपने बयान में कहा कि पूरी Tender Process General Financial Rules (GFR) के तहत पारदर्शी तरीके से पूरी की गई थी और योग्य बोलीदाता को ही Contract दिया गया।

CBSE ने यह भी स्पष्ट किया कि On-Screen Marking System लागू करने की प्रक्रिया में सभी तकनीकी मानकों और नियमों का पालन किया गया है।

अब यह मामला Education System, Government Tender Process और Political Accountability को लेकर BJP और Congress के बीच नई राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।