Haryana Crime: Domestic dispute takes a horrific turn; attempt made to burn wife alive.
उत्तराखंड में बढ़ती गर्मी के साथ जंगलों में आग की घटनाएं लगातार गंभीर होती जा रही हैं। राज्यभर में गुरुवार को 37 स्थानों पर वनाग्नि भड़की, जबकि फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया ने 150 से ज्यादा फायर अलर्ट जारी किए। सबसे ज्यादा असर अब देहरादून जिले में देखने को मिला है, जिसने वनाग्नि प्रभावित क्षेत्रों में चमोली को पीछे छोड़ दिया है।
देहरादून बना सबसे ज्यादा प्रभावित जिला
वन विभाग के अनुसार, देहरादून जिले के चार वन प्रभागों में अब तक करीब 74 हेक्टेयर जंगल जल चुके हैं। वहीं चमोली जिले में 68 हेक्टेयर वन क्षेत्र आग की चपेट में आया है। पूरे सीजन में अब तक 460 से ज्यादा वनाग्नि की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनसे करीब 380 हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुए हैं।
अब आग बुझाने में सहयोग न करने पर होगी कार्रवाई
वन विभाग ने वनाग्नि रोकने के लिए सख्ती बढ़ाने का फैसला लिया है। बदरीनाथ-केदारनाथ वन प्रभाग के डीएफओ एसके दुबे ने बताया कि जंगल की आग बुझाने में सहयोग नहीं करने वालों पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसमें वन उपज लेने वाले, लकड़ी काटने की अनुमति रखने वाले, मवेशी चराने वाले और वन क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोग शामिल होंगे।
संशोधित नियमों के तहत दोषी पाए जाने पर:
एक साल तक की जेल
2,000 रुपये तक जुर्माना
या दोनों सजा का प्रावधान है।
पहले यह सजा सिर्फ एक महीने की जेल या 200 रुपये जुर्माना तक सीमित थी।
चमोली में दो मौतें
चमोली जिले में जंगल की आग के कारण दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। वहीं पौड़ी, रुद्रप्रयाग और टिहरी जिलों में भी बड़ी संख्या में जंगल जल चुके हैं।
चकराता और त्यूणी में भारी नुकसान
चकराता वन प्रभाग में देवघर रेंज के तीन इलाकों में लगी आग से करीब साढ़े सात हेक्टेयर जंगल जल गए। हालांकि वनकर्मियों ने करीब 428 हेक्टेयर जंगल को बचा लिया। मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
त्यूणी क्षेत्र में लगी आग ने किसानों के बाग-बगीचों को भी नुकसान पहुंचाया। कई सेब के पेड़ जलकर राख हो गए। वन विभाग, दमकल टीम और ग्रामीणों ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
देहरादून शहर में भी आग की घटनाएं
राजधानी देहरादून में गुरुवार को आग लगने की आठ घटनाएं दर्ज हुईं। इनमें जंगलों के अलावा ट्रांसफॉर्मर, फार्मेसी की दुकान और एक पिज्जा आउटलेट में आग लगने की घटनाएं शामिल रहीं।
हाई अलर्ट पर वन विभाग
सीसीएफ वनाग्नि सुशांत पटनायक ने बताया कि बढ़ते तापमान, बारिश की कमी, सूखी वनस्पति और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैल रही है। दुर्गम इलाकों में आग बुझाने में भारी दिक्कतें आ रही हैं। स्थिति को देखते हुए पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी किया गया है और अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं।
उत्तरकाशी में तीन दिन से धधक रहे जंगल
उत्तरकाशी के बाड़ाहाट और नौगांव क्षेत्रों में जंगलों में लगी आग लगातार फैल रही है। वरुणावत पर्वत और भाटिया क्षेत्र के जंगल कई दिनों से धधक रहे हैं, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है।