Medical Education Boost in Uttarakhand: अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में अब होंगे 35 नए PG Admissions

उत्तराखंड के अल्मोड़ा में स्थित Soban Singh Jeena Government Institute of Medical Sciences & Research को इस सत्र से 35 Post Graduate (PG) seats की मंजूरी मिल गई है। इन नई सीटों के मिलने से प्रदेश में specialist doctors की भारी कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकेगा।

कॉलेज प्रशासन के अनुसार, ये नई सीटें Gynaecology, Medicine, Anaesthesia, Ophthalmology, Paraclinical, Physiology, Pharmacology और Forensic Medicine जैसे महत्वपूर्ण विभागों में स्वीकृत की गई हैं।

डॉक्टरों की कमी होगी दूर

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सी.पी. भैसोड़ा ने बताया कि यह उपलब्धि राज्य के लिए एक बड़ी राहत है, क्योंकि इससे specialist healthcare services में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि इस कदम से न केवल संस्थान का शैक्षणिक स्तर ऊंचा होगा, बल्कि राज्य के ग्रामीण और पर्वतीय इलाकों में मरीजों को बेहतर इलाज भी मिल सकेगा।

उन्होंने राज्य के Health Minister और Health Secretariat का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से यह लक्ष्य हासिल हो सका है।

इस सत्र से होंगे 35 नए PG Admissions

प्राचार्य डॉ. भैसोड़ा ने बताया कि इस सत्र से 35 नए PG students को प्रवेश मिलेगा। इन छात्रों के आने से कॉलेज में Senior Residents और Faculty Members की कमी पूरी होगी, जिससे medical training और research quality दोनों में सुधार होगा।

इसके साथ ही, नए PG प्रोग्राम्स से संस्थान के विभागों का विस्तार होगा और विद्यार्थियों को उन्नत clinical exposure और आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे।

क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा लाभ

इन सीटों की मंजूरी से कुमाऊं और आसपास के पर्वतीय इलाकों के लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा। Almora Medical College अब न केवल डॉक्टर तैयार करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर advanced healthcare services भी उपलब्ध करा सकेगा।

कॉलेज प्रशासन ने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे संस्थान की फैकल्टी और स्टाफ का समर्पण, मेहनत और निरंतर प्रयास मुख्य कारण रहे हैं।

Almora Medical College PG Expansion उत्तराखंड के मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे में एक बड़ा कदम है। इससे न सिर्फ प्रदेश में specialist manpower तैयार होगी, बल्कि दूरदराज इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच भी बढ़ेगी। यह पहल राज्य के मेडिकल सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।