“Kanwar Yatra 2025: ‘थूक जिहाद’ पर रोक लगाने को लेकर एक्शन मोड में धामी सरकार”

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने हरिद्वार में आयोजित समीक्षा बैठक में Kanwar Yatra 2025 को लेकर की जा रही तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने law and order, food safety और devotee security से जुड़े कई अहम निर्देश अफसरों को दिए।

सबसे बड़ा निर्देश रहा – थूक जिहाद (Spit Jihad) से जुड़ी किसी भी घटना को दोहराने से रोकना।

थूक जिहाद पर सीएम धामी का अलर्ट मोड

सीएम धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं को अशुद्ध या दूषित भोजन परोसे जाने की कोई घटना दोबारा सामने नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह आस्था का विषय है और इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

धामी ने पुलिस और प्रशासन को निर्देश दिए कि हरिद्वार और यात्रा मार्गों पर surveillance और monitoring system को और मजबूत किया जाए। इससे असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी।

क्या है ‘थूक जिहाद’? क्यों चर्चा में है यह शब्द?

थूक जिहाद‘ एक विवादित शब्द है जिसका प्रयोग तब होता है जब किसी धार्मिक या साम्प्रदायिक भावना को ठेस पहुंचाने की नीयत से जानबूझकर भोजन या सार्वजनिक जगहों पर थूकने की घटनाएं सामने आती हैं। कुछ मामलों में ऐसी घटनाएं food contamination या targeted provocation के रूप में सामने आई हैं।

पिछले वर्षों में हरिद्वार और कांवड़ यात्रा के दौरान भी ऐसी कुछ घटनाओं की खबरें आई थीं, जिन पर भारी विवाद हुआ था। अब राज्य सरकार इस पर पूरी तरह zero tolerance policy अपना रही है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा पहली प्राथमिकता

सीएम धामी ने यह भी कहा कि कांवड़ यात्रा में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि:

  • खाद्य सामग्री की क्वालिटी की जांच होनी चाहिए

  • खाने के स्टॉल्स की hygiene audit की जाए

  • किसी भी तरह की अफवाह या झूठी सूचना फैलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए

उत्तराखंड सरकार का कड़ा संदेश

मुख्यमंत्री धामी का ये बयान सिर्फ कांवड़ यात्रा की तैयारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य में सामाजिक सौहार्द और आस्था की रक्षा का भी स्पष्ट संकेत है। ‘थूक जिहाद’ जैसी घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाने का निर्देश देकर सीएम ने साफ कर दिया है कि कानून व्यवस्था और धार्मिक आस्था के साथ कोई समझौता नहीं होगा।