Justice Manoj Kumar Gupta बने Uttarakhand High Court के नए CJI, आज संभालेंगे कार्यभार

Uttarakhand High Court को आज नया मुख्य न्यायाधीश मिलने जा रहा है। न्यायमूर्ति Manoj Kumar Gupta शनिवार को उत्तराखंड उच्च न्यायालय, नैनीताल के Chief Justice पद की शपथ लेंगे। उनका oath ceremony देहरादून स्थित Lok Bhawan में आयोजित किया जाएगा।

Lok Bhawan में होगा शपथ ग्रहण समारोह

न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता को उत्तराखंड के राज्यपाल Lt Gen Gurmit Singh (Retd.) पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। यह कार्यक्रम राज्य की न्यायिक व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

 राष्ट्रपति ने की थी नियुक्ति

गुरुवार 8 जनवरी 2026 को राष्ट्रपति द्वारा न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता को Uttarakhand High Court Chief Justice Appointment की मंजूरी दी गई थी। इससे पहले वे Allahabad High Court, Prayagraj में न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे।

अक्टूबर 2026 तक रहेगा कार्यकाल

Supreme Court Collegium ने दिसंबर 2025 में उनकी पदोन्नति की सिफारिश की थी। न्यायमूर्ति गुप्ता का कार्यकाल 8 अक्टूबर 2026 तक रहेगा, क्योंकि इसी दिन वे सेवानिवृत्त होंगे।

 Justice G. Narendra हो चुके हैं सेवानिवृत्त

उत्तराखंड हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश Justice Guhanath Narendra, जिन्हें Justice G. Narendra के नाम से जाना जाता है, 9 जनवरी 2026 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उन्होंने 26 दिसंबर 2024 को Chief Justice के रूप में कार्यभार संभाला था और लगभग एक वर्ष से अधिक समय तक पद पर रहे।

 Justice Manoj Kumar Gupta: प्रोफाइल और न्यायिक सफर

न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता का जन्म 9 अक्टूबर 1964 को हुआ था। उन्होंने Lucknow University से वर्ष 1987 में LLB degree प्राप्त की और उसी वर्ष अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया।

अपने वकालती करियर में उन्होंने मुख्य रूप से Civil Law, Constitutional Law और Rent Control matters में विशेषज्ञता हासिल की।

12 अप्रैल 2013: इलाहाबाद हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त

10 अप्रैल 2015: स्थायी न्यायाधीश बने

22 नवंबर 2023 से 4 फरवरी 2024: इलाहाबाद हाईकोर्ट के Acting Chief Justice रहे

अब वे उत्तराखंड हाईकोर्ट की न्यायिक कमान संभालने जा रहे हैं।

Uttarakhand Judiciary के लिए अहम दिन

न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता की नियुक्ति से Uttarakhand Judiciary, High Court Administration और Judicial Reforms से जुड़ी अपेक्षाएं बढ़ गई हैं। उनके अनुभव और संवैधानिक समझ को देखते हुए न्यायिक प्रक्रिया में मजबूती आने की उम्मीद की जा रही है।