भारत की नदियां, लेकिन पानी पाकिस्तान को: PM मोदी का बड़ा हमला

PM Modi on Indus Water Treaty 2025 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में Indus Water Treaty पर बोलते हुए पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा 1960 में लिए गए फैसले को भारत के लिए एक “ऐतिहासिक भूल” (historic blunder) करार दिया।

Operation Sindoor debate के दौरान पीएम ने कहा कि यह संधि भारतीय किसानों और राष्ट्रीय हितों के साथ बड़ा धोखा थी। मोदी ने खुलासा किया कि इस जल समझौते के तहत भारत को अपने ही बांधों से गाद (silt) हटाने की इजाजत नहीं थी। इतना ही नहीं, एक बांध के गेट को वेल्ड करके बंद कर दिया गया ताकि वह गलती से भी न खुल सके।

 “भारत को मिला सिर्फ 20%, 80% पानी गया पाकिस्तान को”

PM Modi ने जोर देकर कहा, “नेहरू की Indus Water Treaty ने भारत जैसे विशाल देश को केवल 20% पानी दिया, जबकि पाकिस्तान को 80% जल संसाधनों पर अधिकार दे दिया गया। यह समझौता भारत की अस्मिता और water sovereignty के साथ अन्याय था।”

उन्होंने यह भी कहा कि World Bank mediation में बनी यह संधि आज तक किसानों के लिए अभिशाप बनी रही। कांग्रेस सरकारों ने इसे कभी सुधारा नहीं।

 “गाद नहीं हटा सकते थे, गेट तक वेल्ड कर दिया गया!”

प्रधानमंत्री ने बताया कि इस संधि के तहत भारत को desilting of dams की अनुमति नहीं दी गई। यह स्थिति ऐसी थी कि Salal Dam और Baglihar Dam जैसे महत्वपूर्ण बांधों की क्षमता केवल 2-3% तक सिमट गई। 60 साल तक इन बांधों के गेट नहीं खोले जा सके।

 “अब खून और पानी साथ नहीं बहेंगे”: संधि को किया गया निलंबित

PM Modi ने बताया कि Pahalgam Terror Attack के बाद भारत ने 23 अप्रैल 2025 को Indus Treaty Suspension का ऐलान किया। अब भारत ने अपने बांधों की डिसिल्टिंग शुरू कर दी है और Rajasthan व Gujarat तक canal-based irrigation system का विस्तार किया जा रहा है।

 “संधि का इतिहास और पक्षपातपूर्ण स्वरूप”

1960 में कराची में नेहरू और अयूब खान ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

भारत को सिर्फ पूर्वी नदियां – Beas, Ravi, Sutlej

पाकिस्तान को मिली पश्चिमी नदियां – Indus, Jhelum, Chenab

Annual water flow: भारत को 33 MAF, पाकिस्तान को 135 MAF

PM ने कहा, “सिंधु नदी भारत की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है, लेकिन इस संधि ने हमारी civilizational connection को भी तोड़ा।”

 “1971 में मौका था POK लेने का, कांग्रेस ने गवां दिया”

मोदी ने कहा कि 1971 Indo-Pak war में भारत ने 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों को बंदी बनाया और हजारों किमी जमीन कब्जे में ली। “अगर कांग्रेस के पास उस समय भी national security vision होता, तो POK वापस लेने का फैसला लिया जा सकता था।”

 “कांग्रेस ने हमेशा सुरक्षा के साथ समझौता किया”

PM Modi ने Mumbai 26/11 attacks और अन्य आतंकी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा, “कांग्रेस के पास न पहले कोई विजन था, न आज है। उन्होंने हमेशा India’s national security से समझौता किया है।”