Independence Day Celebration 2025: क्यों नहीं पहुंचे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे?

79वें Independence Day Celebration के अवसर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने परंपरा के अनुसार लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया। इस राष्ट्रीय पर्व पर आयोजित भव्य समारोह में कई केंद्रीय मंत्री, विदेशी अतिथि और तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल हुए। लेकिन Leader of Opposition in Lok Sabha Rahul Gandhi और Leader of Opposition in Rajya Sabha Mallikarjun Kharge इस कार्यक्रम में नज़र नहीं आए।

उनकी गैरमौजूदगी पर BJP leaders ने सवाल खड़े किए और इसे संवैधानिक जिम्मेदारी से जुड़ा मुद्दा बताया।

कांग्रेस ने बताई वजह: प्रोटोकॉल का उल्लंघन

Congress spokesperson Ajay Upadhyay ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम में शामिल न होने की वजह बताई। उन्होंने कहा:
“पहले की परंपरा में Leader of Opposition को हमेशा front row seat दी जाती थी। लेकिन पिछले साल 15 अगस्त के मौके पर राहुल गांधी और खरगे जी को last row में बैठाया गया। यह सिर्फ दो नेताओं का मामला नहीं बल्कि Constitutional dignity का सवाल है। इसलिए इस बार उन्होंने कार्यक्रम में शामिल न होकर तिरंगा अपने स्तर पर फहराया और राष्ट्रीय पर्व मनाया।”

BJP का पलटवार: संवैधानिक कर्तव्य से बचना

BJP नेता Shehzad Poonawalla ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि Leader of Opposition का पद संवैधानिक पद है और Independence Day Ceremony में उनकी मौजूदगी एक constitutional duty थी। राहुल गांधी का कार्यक्रम से दूर रहना इस जिम्मेदारी से बचना है।

कांग्रेस का दूसरा तर्क: पिछले साल का विवाद

कांग्रेस नेता Sandeep Dikshit ने भी स्पष्ट किया कि पिछले साल राहुल गांधी को प्रोटोकॉल तोड़कर पीछे की पंक्ति में बैठाया गया था, जबकि उनकी संवैधानिक हैसियत के हिसाब से उन्हें आगे बैठाना चाहिए था। इसे विपक्ष को politically undermine करने की कोशिश बताया गया।

पिछले साल हुए विवाद पर Defence Ministry ने सफाई दी थी कि आगे की पंक्तियों में Olympic medal winners को सम्मान देने के लिए बैठाया गया था, जिसकी वजह से राहुल गांधी को पीछे की सीट दी गई। मंत्रालय ने यह भी कहा था कि सामान्य परिस्थितियों में Leader of Opposition को हमेशा अग्रिम पंक्ति में स्थान मिलता है।