Controversy over Uttarakhand Disaster Management, Harda's big statement
उत्तराखंड में Reverse Migration को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Harish Rawat ने इस मुद्दे पर धामी सरकार को सीधे घेरते हुए तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार रिवर्स पलायन की बातें तो कर रही है, लेकिन ज़मीनी हकीकत से दूर है।
हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उत्तराखंडवासियों को उनकी land rights वापस दीजिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा,
“लोग आसमान लेकर क्या करेंगे, उन्हें जमीन चाहिए।”
रिवर्स पलायन से पहले पलायन रोकना जरूरी: हरीश रावत
पूर्व सीएम ने कहा कि रिवर्स पलायन की बात करने से पहले सरकार को यह देखना चाहिए कि अभी भी गांवों से पलायन क्यों हो रहा है। उन्होंने लिखा कि आज भी भय और असुरक्षा के कारण लोग अपने गांव और घर छोड़ने को मजबूर हैं।
उन्होंने Human-Wildlife Conflict का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जंगली जानवरों का आतंक ग्रामीण जीवन को बर्बाद कर रहा है।
जंगली जानवरों और आवारा पशुओं से गांवों में दहशत
हरीश रावत ने अपने बयान में कहा कि:
गुलदार, बाघ, हाथी और भालू
बंदर और लंगूर
आवारा पशु, आवारा कुत्ते और जंगली सुअर
इन सभी के कारण खेती चौपट हो रही है और लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। उन्होंने दावा किया कि अब यह समस्या सिर्फ गांवों तक सीमित नहीं रही, बल्कि small towns और बड़े शहरों के बाहरी इलाकों तक फैल चुकी है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि पहले इन समस्याओं पर नियंत्रण किया जाए, तभी Reverse Migration Policy सफल हो सकती है।
धामी सरकार कर रही रिवर्स पलायन पर काम
गौरतलब है कि हाल ही में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने अधिकारियों के साथ बैठक कर रिवर्स पलायन को लेकर दिशा-निर्देश दिए थे। सीएम ने कहा था कि पलायन उत्तराखंड की बड़ी चुनौती रही है और बीते चार-पांच वर्षों में सरकार ने इसे रोकने और लोगों को वापस गांवों में बसाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।
सरकार का दावा है कि employment schemes, self-employment programmes और बुनियादी सुविधाओं के जरिए गांवों को दोबारा आबाद किया जा रहा है।
क्या है रिवर्स पलायन? (What is Reverse Migration)
लंबे समय से basic facilities की कमी के कारण उत्तराखंड के हजारों गांव खाली हो चुके हैं। कई गांवों में आज सिर्फ बुजुर्ग रह गए हैं, जबकि बाकी लोग रोज़गार, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए शहरों में बस चुके हैं।
सरकार अब इन खाली गांवों को फिर से बसाने के लिए लोगों को वापस लौटने के लिए प्रेरित कर रही है। इसे ही Reverse Migration कहा जाता है।