हरिद्वार अर्धकुंभ 2027: पहली बार साधु-संन्यासियों के साथ होंगे 3 शाही स्नान!

उत्तराखंड के हरिद्वार में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले Ardh Kumbh Mela 2027 की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। Akhil Bharatiya Akhara Parishad ने उत्तराखंड सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दी है और शाही स्नान (Shahi Snan Dates) की तारीखें भी निर्धारित कर दी हैं। हालांकि राज्य सरकार जल्द ही आधिकारिक ऐलान करेगी, लेकिन अखाड़ा परिषद ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।

इस बार पहली बार 3 Shahi Snan साधु-संन्यासियों के साथ आयोजित किए जाएंगे, जो अर्धकुंभ की परंपरा में नया इतिहास जोड़ेंगे।

सदियों पुरानी परंपरा – स्नान से पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और निरंजनी अखाड़ा के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने बताया कि Kumbh and Ardh Kumbh Traditions सदियों से चली आ रही हैं। प्रयागराज और हरिद्वार में आयोजित होने वाले इन महापर्वों में स्नान कर श्रद्धालु पुण्य कमाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति की कामना करते हैं।

इस बार अर्धकुंभ का आयोजन ऐसे समय हो रहा है जब Singhasth Festival 2027 का योग भी बन रहा है। यह पर्व नासिक में जुलाई-अगस्त 2027 के बीच आयोजित होगा।

अर्धकुंभ के लिए सृजित होंगे 82 नए पद – भर्ती प्रक्रिया शुरू

हरिद्वार अर्धकुंभ 2027 की तैयारियों के तहत 82 नए पद (82 New Posts for Ardh Kumbh 2027) सृजित किए जाएंगे। Pushkar Singh Dhami Cabinet ने जुलाई 2024 में प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इन पदों की नियुक्ति Mela Adhisthan में की जाएगी, जो आयोजन से दो साल पहले तैयारियों का काम संभालता है।

इन 82 पदों में शामिल हैं:

9 स्थायी पद (Permanent Posts)

44 अस्थायी पद (Temporary Posts)

29 आउटसोर्स रिक्रूटमेंट (Outsource Recruitment)

स्थायी और अस्थायी पदों पर Revenue, PWD, Irrigation, Drinking Water, Urban Development, Finance, Accounts सहित विभिन्न विभागों से अधिकारी और कर्मचारी भेजे जाएंगे। आउटसोर्स पदों के लिए ठेकेदार आदि की भर्ती की जाएगी।

पर्यटन, आध्यात्म और अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा आयोजन

हरिद्वार अर्धकुंभ 2027 न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र होगा, बल्कि यह tourism boost और economic growth का भी बड़ा अवसर प्रदान करेगा। लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से हरिद्वार आएंगे। इसके लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा, सुरक्षा, स्वच्छता, और आवास की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।