Hanuman Jayanti 2025: उत्तराखंड में निकली भव्य शोभायात्रा, गूंजे भजन, हुआ बजरंग बाण पाठ
Dehradun और आसपास के क्षेत्रों में शनिवार को Hanuman Janmotsav बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। पूरे शहर में temples beautifully decorated नजर आए, और जगह-जगह पर religious rituals और spiritual programs आयोजित किए गए।
शोभायात्रा बनी आकर्षण का केंद्र
Shivaji Dharmshala से निकली भव्य शोभायात्रा में श्री बालाजी महाराज की प्रतिमा को रथ पर विराजमान किया गया। Mathura-Vrindavan Jhanki और शिव बारात की झांकी ने भक्तों को आकर्षित किया। इस शोभायात्रा में लगभग 150 कलाकारों ने हिस्सा लिया, जो पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए।
शहर के मुख्य हनुमान मंदिरों को LED lights और फूलों से सजाया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। “कीजो केसरी के लाल”, “तुम रक्षक काहो का डरना” जैसे bhajan पूरे शहर में गूंजते रहे।
धार्मिक अनुष्ठानों से सजा दिन
Chukkuwala स्थित Shiv Ram Mandir में हनुमान प्रतिमा की स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव मनाया गया। President Arun Shah ने बताया कि Kalash Yatra के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसके बाद Ramayan Paath और भंडारे का आयोजन हुआ।
Acharya Dr. Sushant Raj के अनुसार, Hanuman Janmotsav tithi इस बार 12 अप्रैल को सुबह 3:21 बजे से शुरू होकर 13 अप्रैल को सुबह 5:51 बजे तक रही।
पूजा-पाठ और आरती में उमड़ा जनसैलाब
Jamunwala स्थित Ekadashmukhi Hanuman Mandir में हनुमान जन्मोत्सव की पूर्व संध्या पर भव्य आरती की गई। Pujari Pandit Jagrit Suvedi ने पूजा-अर्चना कर भक्तों को प्रसाद वितरित किया और बताया कि Hanuman Jayanti पर विशेष rituals and chanting आयोजित किए जाएंगे।
Chamoli Karnaprayag के मुख्य बाजार स्थित मंदिर में Hanuman Chalisa Paath हुआ और भक्तों के लिए प्रसाद वितरण भी किया गया।
हनुमान जयंती का आध्यात्मिक महत्व
Hanuman Jayanti के दिन Hanuman Chalisa, Bajrang Baan और Sundarkand Paath का विशेष महत्व होता है। Dakshin Mukhi Hanuman के सामने शाम को mantra chanting करने से जीवन की परेशानियाँ दूर होती हैं।
Hanuman ji को Power (शक्ति), Devotion (भक्ति) और Unbreakable Faith (अटूट विश्वास) का प्रतीक माना जाता है। इस दिन उनकी पूजा करने से जीवन में साहस, धैर्य और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।