Economic Crisis in Pakistan: क्या वाकई दिवालियेपन की कगार पर है पड़ोसी मुल्क?
Economic crisis in Pakistan अब और भी गंभीर हो चुका है। दुनियाभर से लिए गए कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा पाकिस्तान न सिर्फ आर्थिक रूप से कमजोर हो रहा है, बल्कि उसका भविष्य भी सवालों के घेरे में आ गया है।
हाल ही में Pakistan Economic Survey 2024-25 के मुताबिक, देश का कुल कर्ज 76,00,700 करोड़ पाकिस्तानी रुपये को पार कर गया है। यह आंकड़ा पाकिस्तान के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक है।
GDP Growth Expectations: लक्ष्य कुछ, हकीकत कुछ और
पाकिस्तान सरकार ने Financial Year 2025 के लिए 4.2% GDP growth का लक्ष्य रखा है। लेकिन वास्तविकता यह है कि:
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वित्त वर्ष 2024 में GDP ग्रोथ सिर्फ 2.5% रही।
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2025 के लिए यह ग्रोथ घटाकर 2.7% कर दी गई है।
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IMF का अनुमान है कि FY 2025 में GDP 2.6% और FY 2026 में 3.6% रहेगी।
यह लगातार तीसरा साल है जब पाकिस्तान की GDP growth rate बेहद कमजोर रही है।
कर्ज का खतरनाक स्तर: चार साल में दोगुना, दस साल में पांच गुना
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2020-21 में पाकिस्तान का कुल कर्ज था 39,86,000 करोड़ रुपये
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मार्च 2025 तक यह आंकड़ा पहुंच गया 76,00,700 करोड़ रुपये
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यानी सिर्फ चार सालों में ही कर्ज लगभग 100% से ज्यादा बढ़ा है
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बीते 10 सालों में यह कर्ज पांच गुना तक बढ़ चुका है
Public debt in Pakistan अब उसकी अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ रहा है।
गरीबी और बेरोजगारी की मार
पाकिस्तान में poverty rate भी चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुका है:
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लगभग 45% लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन जी रहे हैं
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इनमें से 16.5% लोग बेहद गरीबी (extreme poverty) में हैं
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इसके विपरीत, India ने World Bank के मुताबिक रिकॉर्ड संख्या में अपने नागरिकों को गरीबी से बाहर निकाला है