"Don't say saffron, say Hindu terrorist? Prithviraj Chavan's statement on Malegaon case created a political storm"
2008 के Malegaon Blast Case में सभी सात आरोपियों को अदालत से बरी किए जाने के बाद कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री Prithviraj Chavan का तीखा बयान सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केस जानबूझकर कमजोर किया गया और इसकी impartial investigation नहीं की गई।
चव्हाण ने कहा, “मालेगांव में ब्लास्ट तो किसी ने किया था। अब अगर आरोपी बरी हो गए, तो असली गुनहगार कौन है? मुझे पहले से अंदेशा था कि ये नतीजा आने वाला है, क्योंकि केस की शुरुआत UPA सरकार के वक्त हुई थी, लेकिन बाद में सत्ता BJP के पास आ गई और NIA ने इसे कमजोर कर दिया।”
उन्होंने सवाल उठाया, “NIA किसके direction में काम कर रही थी? क्या हम blast victims के परिवारों को ये जवाब देंगे कि धमाका किसी ने नहीं किया?” उन्होंने अन्य मामलों का हवाला देते हुए कहा कि Train Blast Case में भी ऐसा ही हुआ।
इस बीच चव्हाण ने ‘Saffron Terror’ शब्द को लेकर भी विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “मैं निवेदन करता हूं कि ‘भगवा आतंकवाद’ न कहें, बल्कि अगर कहना ही है तो ‘Sanatani Atankwadi’ या ‘Hindu Terrorist’ कहें।” हालांकि उन्होंने ये भी जोड़ा कि terrorism has no religion, न ही कोई जाति।
उनके इस बयान पर political controversy तेज हो गई है। भाजपा और अन्य विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि चव्हाण ने communal sentiments भड़काने की कोशिश की है।
गौरतलब है कि 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के Malegaon में हुए Bomb Blast में 6 लोगों की मौत हुई थी और 100 से ज्यादा घायल हुए थे। केस की जांच में कई उतार-चढ़ाव आए और 17 साल बाद अदालत ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
इस केस में Sadhvi Pragya और Lt Col Purohit जैसे नाम भी चर्चा में रहे थे। अब जबकि सभी आरोपी छूट चुके हैं, तो सवाल यही है: Who was responsible for Malegaon blast?