उत्तराखंड में आफत: भारी बारिश और भूस्खलन से 87 सड़कें बंद, स्कूल भी हुए बंद

उत्तराखंड में मॉनसून इस बार अपना रौद्र रूप दिखा रहा है। भारी बारिश के कारण पहाड़ दरक रहे हैं, नदियां उफान पर हैं और कई सड़कें मलबे में दब गई हैं। मौसम विभाग (IMD) ने 11 जुलाई को देहरादून, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, बागेश्वर और कुमाऊं के जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) जारी किया है। कुमाऊं क्षेत्र में पिथौरागढ़ और चंपावत में मूसलाधार बारिश की संभावना है। टिहरी और उत्तरकाशी में गरज-चमक के साथ तेज हवाओं (40-50 km/h) का भी अनुमान है।

मॉनसून की सक्रियता जारी, अगले दो दिन सतर्कता जरूरी

मौसम वैज्ञानिक बिक्रम सिंह के अनुसार मॉनसून की सक्रियता अगले 48 घंटे तक इसी तरह बनी रहेगी और 14 जुलाई तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। इससे नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और बाढ़ व भूस्खलन का खतरा बढ़ जाएगा।

नदियां उफान पर, लैंडस्लाइड से आवागमन बाधित
अलकनंदा, गंगा और यमुना जैसी नदियां खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुकी हैं। चमोली के मुख गांव में बादल फटने की घटना के बाद प्रशासन हाई अलर्ट पर है। उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में भूस्खलन से सड़कें बंद हो चुकी हैं। चारधाम यात्रा को भी अस्थायी रूप से रोका गया है। कुल 87 सड़कें बंद हैं, जिनमें मुनस्यारी क्षेत्र भी शामिल है।

स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद

सुरक्षा के मद्देनजर देहरादून, बागेश्वर, और रुद्रप्रयाग में सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र 11 जुलाई को बंद रखे गए हैं। हरिद्वार में सावन के चलते 14 जुलाई से स्कूल अवकाश पर रहेंगे, जो बारिश की मार से और भी जरूरी हो गया है।

अगले दिनों का मौसम कैसा रहेगा?

12 और 13 जुलाई को नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ में मॉनसून की गतिविधियां तेज होंगी। देहरादून में बारिश और उमस बनी रहेगी, जबकि मैदानी इलाकों में तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी।