What will the next Vice President have to do to save the dignity of the Rajya Sabha?
भारत के उपराष्ट्रपति Jagdeep Dhankhar के अचानक इस्तीफे ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। हालांकि उन्होंने अपने पद छोड़ने के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है, लेकिन सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी से साफ है कि Modi Government और उनके बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे, जो हाल ही में और गहरा गया।
असल टकराव तब सामने आया जब उपराष्ट्रपति ने Justice Yashwant Varma के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया Mahabhiyog (Impeachment) Proposal स्वीकार कर लिया। सरकार चाहती थी कि यह प्रस्ताव पहले Lok Sabha में पेश हो, लेकिन Dhankhar ने विपक्ष के 63 सांसदों द्वारा साइन किए गए इस प्रस्ताव को सीधे Rajya Sabha में स्वीकार कर लिया। इससे सरकार की रणनीति पूरी तरह बिगड़ गई।
उपराष्ट्रपति धनखड़ किसी भी मंत्री से बात नहीं कर रहे थे
खबरों के मुताबिक, इसके बाद उपराष्ट्रपति धनखड़ किसी भी मंत्री से बात नहीं कर रहे थे। कई बार कॉल किए जाने के बावजूद उन्होंने संपर्क नहीं साधा। Monday evening को जब कार्य मंत्रणा समिति (Business Advisory Committee) की मीटिंग उनके ऑफिस में बुलाई गई, तो JP Nadda और Kiren Rijiju ने उसमें भाग ही नहीं लिया।
इसी दौरान, Rajya Sabha Secretariat के एक वरिष्ठ अधिकारी का फोन आया और उन्हें सूचित किया गया कि अगर उन्होंने तत्काल इस्तीफा नहीं दिया, तो सरकार खुद उनके खिलाफ No Confidence Motion लाने की तैयारी में है। यह सुनते ही वे सीधे Rashtrapati Bhawan गए और इस्तीफा सौंप दिया।
सूत्रों का कहना है कि सरकार पहले से ही कुछ मुद्दों को लेकर उनसे असहज थी। हाल ही में उन्होंने Agriculture Minister Shivraj Singh Chouhan को किसानों के मुद्दों पर खुलेआम फटकारा था, जो सरकार को रास नहीं आया। इसके अलावा, वे कई बार Prime Minister जैसी सुरक्षा, VIP Cars, और Ministries में उनकी तस्वीरें लगाने की मांग करते रहे, जिससे कई विभागों में असंतोष फैला।
अब तक धनखड़ ने न तो किसी मंत्री से बात की है और न ही विपक्षी नेताओं से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि वे जल्द ही सरकारी आवास भी खाली कर सकते हैं।