Delhi High Court's big decision: Patanjali's 'Fraudulent' Chyawanprash Ad will be removed within 72 hours.
दिल्ली हाईकोर्ट ने Patanjali Ayurved को बड़ा झटका देते हुए उसके Special Chyawanprash Advertisement को 72 घंटे के भीतर सभी प्लेटफॉर्म्स से हटाने का आदेश दिया है।
यह आदेश Dabur India की शिकायत पर दिया गया, जिसमें पतंजलि पर अन्य ब्रांड्स को ‘धोखा’ बताने का आरोप लगा था।
कोर्ट ने क्या कहा?
जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने कहा कि कंपनियां comparative advertisement कर सकती हैं, लेकिन किसी अन्य ब्रांड को नीचा दिखाने या misleading claims फैलाने की अनुमति नहीं है।
यह रोक फरवरी 2026 तक लागू रहेगी। कोर्ट ने Patanjali को आदेश दिया कि वह यह एड टीवी, प्रिंट, सोशल मीडिया या किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर न दिखाए।
क्या है पूरा विवाद?
Dabur और Patanjali के बीच Chyawanprash market को लेकर लंबे समय से प्रतिस्पर्धा चल रही है।
डाबर की market share करीब 60% है, जबकि पतंजलि ने हाल ही में अपना नया Special Chyawanprash लॉन्च किया।
Dabur का आरोप है कि पतंजलि का एड न केवल उनके ब्रांड की छवि को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पूरी Chyawanprash category को ‘धोखा’ बताकर उपभोक्ताओं को भ्रमित करता है।
यह मामला Commercial Disparagement Case का है — यानी एक कंपनी द्वारा दूसरी कंपनी की साख गिराने की कोशिश।
क्या था विज्ञापन में?
विज्ञापन में ‘चलो, धोखा खाओ!’ जैसे वाक्य इस्तेमाल किए गए थे।
वीडियो में Baba Ramdev कहते नजर आते हैं कि “अधिकांश लोग च्यवनप्राश के नाम पर धोखा खा रहे हैं।”
कोर्ट ने इसे देखकर कहा कि यह बयान अन्य ब्रांड्स — खासकर Dabur Chyawanprash — को फेक और कमतर दिखाने का प्रयास है।
अब क्या होगा आगे?
अगली सुनवाई 26 फरवरी 2026 को होगी।
तब केस के मेरिट्स पर बहस होगी और Permanent Relief पर फैसला आ सकता है।
फिलहाल, Dabur को बड़ी राहत मिली है, जबकि Patanjali इस आदेश के खिलाफ appeal दायर कर सकता है।
Patanjali और विवादों का पुराना रिश्ता
यह पहली बार नहीं जब पतंजलि अपने advertising practices को लेकर विवादों में आई है।
2022 में Indian Medical Association (IMA) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें कंपनी पर भ्रामक दावों (false medical claims) का आरोप था।
2023 और 2024 में भी कोर्ट ने misleading advertisements को लेकर Baba Ramdev और Acharya Balkrishna को फटकार लगाई थी।
अंततः 2025 में दोनों ने माफी मांगकर मामला खत्म किया।