गोंडा में हिरासत में मौत: ‘पापा को घर से ले जाकर आरपीएफ वालों ने मार डाला’, बिलखती मासूम बेटी की चीख से कांप उठा अस्पताल परिसर

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की हिरासत में एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। मृतक की 10 वर्षीय बेटी मानसी का दर्द भरा बयान – “पापा को घर से ले जाकर आरपीएफ वालों ने मार डाला” – सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।

 घटना कैसे हुई

गोंडा के किनकी गांव निवासी संजय सोनकर (36 वर्ष) को मंगलवार सुबह आरपीएफ के जवान पूछताछ के लिए घर से ले गए थे। परिवार के अनुसार, संजय पर बरुआचक रेलवे स्टेशन के पास मालगाड़ी के वैगन से सरसों तेल चोरी के आरोप में पूछताछ की जा रही थी।
परिजनों का कहना है कि संजय को पूछताछ के दौरान बेहरहमी से पीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। बुधवार सुबह जब संजय की पत्नी गीता देवी आरपीएफ थाने पहुंचीं, तो उन्हें बताया गया कि संजय बीमार हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लेकिन जब वे गोंडा मेडिकल कॉलेज पहुंचीं, तो पता चला कि आरपीएफ कर्मी मंगलवार रात शव को मॉर्च्युरी में रखकर चले गए थे।

परिवार का दर्द और अफरातफरी

जैसे ही यह खबर मिली, परिवार में चीख-पुकार मच गई। गीता देवी बेहोश हो गईं और उन्हें इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि आरपीएफ ने संजय को झूठे केस में फंसाकर मार डाला और घटना को छिपाने की कोशिश की।
घटना के समय संजय के बच्चे मेले में जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी ग्राम प्रधान ने पिता की मौत की सूचना दी। 10 वर्षीय मानसी और 6 वर्षीय रिया रोते हुए बार-बार कहती रहीं — “अब हमारे पापा नहीं लौटेंगे…”

 मामला दर्ज, जांच शुरू

परिवार की तहरीर पर पुलिस ने आरपीएफ के एसआई सुरेंद्र कुमार, करन सिंह यादव, कांस्टेबल अमित कुमार यादव और एक अज्ञात के खिलाफ हत्या (Murder) का मुकदमा दर्ज किया है।
गोंडा के नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने पुष्टि की कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
आरपीएफ की ओर से भी विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रारंभिक बयान में कहा गया है कि संजय को पूछताछ के दौरान तबीयत बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई।

 नेताओं और संगठनों की प्रतिक्रिया

बलरामपुर के विधायक पल्टूराम ने इस घटना को गंभीर बताया और आरपीएफ के डीआईजी से बात कर कार्रवाई का आश्वासन प्राप्त किया। वहीं, अवध केसरी सेना के प्रतिनिधियों ने मृतक के परिजनों से मिलकर न्याय की मांग की।

सरसों तेल चोरी केस

28 सितंबर को बरुआचक रेलवे स्टेशन के पास मालगाड़ी से सरसों तेल चोरी की वारदात हुई थी। इसी मामले की जांच में आरपीएफ कई दिनों से क्षेत्र में दबिश दे रही थी। ग्रामीणों का आरोप है कि आरपीएफ टीम अक्सर गांव के लोगों को धमकाती और प्रताड़ित करती थी।

 एक माह से लापता है दूसरा आरोपी

मृतक के भाई ने बताया कि मामले में आरोपी बताए जा रहे रामफेर एक महीने से लापता हैं। उनके परिवार का कहना है कि आरपीएफ लगातार घर पर दबाव बना रही थी, जिसके चलते वह घर छोड़ चुके हैं।

 अब उठे सवाल

संजय सोनकर की मौत ने आरपीएफ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं —

क्या पूछताछ के नाम पर की गई पिटाई से हुई मौत?

गिरफ्तारी के बाद भी थाने क्यों नहीं लाया गया आरोपी?

शव को रात में चुपचाप मॉर्च्युरी में क्यों रखा गया?

गोंडा की यह घटना एक बार फिर कानून प्रवर्तन एजेंसियों की हिरासत में सुरक्षा पर सवाल उठाती है। मासूम बेटियों की सिसकियां और बेबस पत्नी का रोना न्याय व्यवस्था से जवाब मांग रहा है।