Controversy erupts over Primary Teacher Counselling: Recruitment stalled due to selection of candidates with low merit scores.
उत्तराखंड में Primary Teacher Recruitment 2024 के तहत 1670 पदों के लिए कराई गई counselling process अब विवादों में घिरती नजर आ रही है। आरोप है कि काउंसलिंग के दौरान कम मेरिट वाले अभ्यर्थियों के चयन से पूरी भर्ती प्रक्रिया legal complications में उलझ सकती है।
शिक्षा विभाग ने इस बार एक नए प्रयोग के तहत 12 जनवरी को सभी जिलों में एक साथ counselling आयोजित की, लेकिन यह प्रयोग कई जिलों में अव्यवस्था और हंगामे की वजह बन गया।
पहले अलग-अलग तारीखों पर होती थी Counselling
अब तक प्राथमिक शिक्षक भर्ती में काउंसलिंग अलग-अलग तिथियों पर आयोजित की जाती थी। इसका उद्देश्य यह था कि यदि किसी अभ्यर्थी का नाम एक से अधिक जिलों की मेरिट लिस्ट में आ जाए, तो वह अपनी पसंद के जिले में नियुक्ति ले सके।
हालांकि इस प्रक्रिया में एक बड़ी समस्या यह सामने आ रही थी कि कई अभ्यर्थी एक जिले की नियुक्ति छोड़कर दूसरे जिले में ज्वाइन कर लेते थे, जिससे कुछ पद vacant रह जाते थे।
एक साथ Counselling से बिगड़े हालात
इसी समस्या से बचने के लिए विभाग ने इस बार सभी जिलों में same day counselling कराने का फैसला लिया। इसका नतीजा यह हुआ कि—
कई जिलों में उपलब्ध पदों से कई गुना अधिक अभ्यर्थी पहुंच गए
कुछ जिलों में high merit candidates नहीं पहुंच सके
जबकि कई स्थानों पर low merit candidates की काउंसलिंग हो गई
इस स्थिति के चलते कई जिलों में हंगामे जैसे हालात बन गए।
मेरिट को लेकर अभ्यर्थियों और विभाग में टकराव
विभाग का कहना है कि merit list official website पर पहले से अपलोड थी और अभ्यर्थियों को अपनी मेरिट के अनुसार काउंसलिंग में आना चाहिए था।
वहीं अभ्यर्थियों का आरोप है कि—
मेरिट के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों को ही बुलाने के बजाय
सभी अभ्यर्थियों को एक साथ काउंसलिंग के लिए बुला लिया गया
अभ्यर्थियों का कहना है कि पहले दिन सिर्फ मेरिट में आने वालों की काउंसलिंग होनी चाहिए थी और दूसरे दिन खाली पदों के लिए कम मेरिट वालों को बुलाया जाना चाहिए था।
काउंसलिंग से वंचित रहे कई अभ्यर्थी
कुछ अभ्यर्थियों का दावा है कि वे DEO Office पहुंचे, लेकिन उनकी काउंसलिंग नहीं कराई गई। इससे भर्ती प्रक्रिया की transparency और fairness पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस पूरे मामले पर प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।