CM Fadnavis's big action: Corrupt PS-OSD punished, rift in Mahayuti widens?
Maharashtra Politics 2025 में एक बार फिर घमासान मच गया है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने मंत्रियों द्वारा अपने personal secretaries (PS) और officers on special duty (OSD) की गैरकानूनी तैनाती पर सख्त कदम उठाया है। उन्होंने शिवसेना (Eknath Shinde faction) और NCP (Ajit Pawar group) के कुछ मंत्रियों के स्टाफ को “भ्रष्ट और सौदेबाज” बताते हुए तुरंत प्रभाव से हटाने के आदेश दिए हैं।
PS-OSD पर फडणवीस का कड़ा रुख
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से फरवरी 2025 में मंत्रियों द्वारा भेजे गए 125 नामों में से केवल 109 को मंजूरी दी गई थी। बावजूद इसके, कई PS और OSD आदेशों की अवहेलना करते हुए अभी भी काम पर डटे हुए हैं। फडणवीस ने ऐसे 6 कर्मचारियों को अनुशासनात्मक नोटिस जारी किया है और चेतावनी दी है कि अगर वे मूल विभाग में नहीं लौटे तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इन मंत्रियों के स्टाफ पर सवाल
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इस विवाद में शामिल मंत्रियों में शिवसेना के संजय राठौड़, शंभुराज देसाई, भरत गोगावले, गुलाबराव पाटिल, और NCP के दत्तात्रेय भरने और छगन भुजबल शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, इन PS/OSD पर corruption, disproportionate assets और वर्षों से “अनाधिकृत प्रभाव” बनाए रखने के आरोप हैं।
विपक्ष ने बताया ‘सरकार के भीतर अविश्वास का संकेत’
Congress नेता विजय वडेट्टीवार ने तीखा हमला करते हुए कहा कि यह सिर्फ नियुक्ति का मामला नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि महायुति सरकार में आपसी विश्वास की भारी कमी है। विपक्ष के अनुसार, मुख्यमंत्री के आदेशों की अवहेलना से उनकी authority कमजोर होती दिख रही है।
विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने इस मुद्दे को आगामी Monsoon Session of Maharashtra Assembly में उठाने की बात कही है। वहीं, कैबिनेट मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि स्थिति की पूर्ण जानकारी केवल मुख्यमंत्री ही दे सकते हैं।
महायुति में फिर से दरारें?
महायुति गठबंधन जिसमें BJP, Shiv Sena (Shinde faction) और NCP (Ajit Pawar faction) शामिल हैं, पहले भी कई बार आंतरिक मतभेदों से जूझ चुका है। हाल ही में, मंत्री नितेश राणे द्वारा दिया गया बयान कि “महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार है और फडणवीस सभी के पितामह हैं“, ने शिवसेना खेमे को चिढ़ा दिया।
Pune और Baramati में भी महायुति नेताओं ने एक-दूसरे पर खुलकर हमला बोला। Ajit Pawar द्वारा शिवसेना विधायक विजय शिवतारे पर तंज कसने के बाद, शिवतारे ने उन्हें “अहंकारी और तानाशाही प्रवृत्ति वाला नेता” बताया।
PS-OSD मामला बना ‘Trigger Point’?
राज्य प्रशासन में नियमों की अनदेखी और राजनीतिक नियुक्तियों में निजी हितों के आरोपों ने महाराष्ट्र महायुति सरकार को असहज स्थिति में ला दिया है। मुख्यमंत्री फडणवीस के आदेशों की खुलेआम अवहेलना और मंत्रियों की नाराजगी आने वाले दिनों में सियासी संकट को और बढ़ा सकती है।