India-Pakistan तनाव के बीच China की एंट्री, Shehbaz से मुलाकात कर उगला जहर

भारत और पाकिस्तान के बीच जारी tensions के बीच अब चीन खुलकर पाकिस्तान के समर्थन में आ गया है। Chinese Ambassador to Pakistan Jiang Zaidong ने गुरुवार को Prime Minister Shehbaz Sharif से इस्लामाबाद में मुलाकात की और इस दौरान चीन की ओर से पाकिस्तान को “हर परिस्थिति में समर्थन” देने का वादा दोहराया।

South Asia में Stability की बात या Hidden Agenda?

बैठक के दौरान चीनी राजदूत ने कहा कि चीन और पाकिस्तान दोनों दक्षिण एशिया (South Asia) में peace and stability बनाए रखने की इच्छा रखते हैं, और इस दिशा में चीन हमेशा पाकिस्तान के साथ खड़ा रहेगा। हालांकि इस बयान को विशेषज्ञ India-China-Pakistan ट्राएंगल के नजरिए से देख रहे हैं, जहां चीन का झुकाव अब साफ तौर पर पाकिस्तान की ओर दिखाई दे रहा है।

Shehbaz Sharif ने दी China को Thanks, उठाया International Investigation का मुद्दा

Pakistan PMO की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने President Xi Jinping और Premier Li Qiang को शुभकामनाएं दीं और दक्षिण एशिया में मौजूदा संकट के दौरान पाकिस्तान को मजबूती से समर्थन देने के लिए धन्यवाद जताया।

इसके अलावा शहबाज ने चीन को Pahalgam Terrorist Attack पर एक neutral and international investigation के उनके प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए भी सराहना की।

China-Pakistan Foreign Policy Coordination तेज

पिछले दिनों Pakistan’s Deputy PM Ishaq Dar और Chinese FM Wang Yi के बीच हुई बातचीत के बाद चीन ने कहा था कि वह पाकिस्तान की sovereignty और national security interests की रक्षा में पूरा समर्थन देगा। साथ ही चीन ने भारत और पाकिस्तान दोनों से restraint बरतने की अपील की थी।

जबकि पाकिस्तान को China और Turkey जैसे देशों से समर्थन मिल रहा है, भारत को global support हासिल हुआ है – अमेरिका, रूस, फ्रांस, जापान समेत कई देशों ने Pahalgam Attack की कड़ी निंदा की है।

अमेरिका ने फिर जताया भारत के साथ Solidarity

इस बीच, US Defense Secretary Pete Hegseth ने भारत के Defense Minister Rajnath Singh से फोन पर बातचीत की और कहा कि अमेरिका भारत के right to self-defense और war against terrorism का समर्थन करता है।

राजनाथ सिंह ने अमेरिका को बताया कि पाकिस्तान अब एक rogue nation की तरह काम कर रहा है, जो वैश्विक आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर रहा है। उन्होंने कहा कि

“दुनिया अब आतंकवाद को नजरअंदाज नहीं कर सकती। भारत अकेला नहीं है, और इस बार जवाब ठोस होगा।”


 क्या China-Pakistan Alliance भारत के लिए खतरे की घंटी?

China-Pakistan Strategic Partnership अब एक नई स्थिति में प्रवेश कर रही है, जहां भारत के खिलाफ उनके साझा बयानों और कदमों से साफ है कि क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को चुनौती दी जा रही है।

इस सबके बीच, भारत ने साफ कर दिया है कि आतंकवाद पर Zero Tolerance Policy में कोई ढील नहीं दी जाएगी। अब देखना होगा कि चीन की यह स्पष्ट पक्षधरता Geopolitics of South Asia को किस दिशा में ले जाती है।