Chardham Yatra Weather Alert: 5 से 7 मई तक भारी बारिश और आंधी का खतरा

Uttarakhand Chardham Weather Alert: अगर आप केदारनाथ, यमुनोत्री या अन्य चारधाम यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में आगामी 5, 6 और 7 मई के लिए भारी बारिश, ओलावृष्टि और अंधड़ का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

 अलर्ट का क्षेत्र:

  • केदारनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री और बद्रीनाथ यात्रा मार्ग

  • उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, देहरादून, पौड़ी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत और नैनीताल जिले

 क्या कहा मौसम विभाग ने?

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक डॉ. बिक्रम सिंह ने बताया:

“पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश, ओलावृष्टि, और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। वहीं मैदानी इलाकों में तेज आंधी और बारिश हो सकती है।”

 कहां कितनी बारिश हुई?

स्थान

बारिश (MM)

लोहाघाट

42

धनोल्टी

17

चमोली

11.6

मालदेवता

15

देहरादून

14

आपदा प्रबंधन और प्रशासन अलर्ट पर

उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग और पुलिस-प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल की तैनाती कर दी है।
स्टेट कंट्रोल रूम के ड्यूटी अफसर हेमंत बिष्ट ने बताया कि आगामी तीन दिन तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए संवेदनशील हो सकते हैं।

यात्रा पर असर और स्थानीय हालात

 नैनीताल में छाए घने बादल

  • न्यूनतम तापमान: 17°C

  • अधिकतम तापमान: 25°C

  • पिछले दिनों तापमान 30–32°C था, अब गिरावट दर्ज हुई।

 देहरादून और मसूरी में दिन में छाया अंधेरा

  • दोपहर के समय तेज बारिश और आंधी से वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा।

  • मसूरी में ओलावृष्टि से नालियां चोक हो गईं और सड़कों पर गंदा पानी बह निकला।

सेब की फसल को भारी नुकसान

यमुनाघाटी और नौगांव क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि से

  • सेब की बागवानी और पारंपरिक फसलें बर्बाद

  • यमुनोत्री यात्रा पर भी पड़ा असर

  • तीर्थयात्रियों ने सरकारी विश्रामगृहों और ढाबों में सुरक्षित स्थान तलाशे

प्रशासन ने फसलों के नुकसान का सर्वेक्षण कराने के निर्देश जारी किए हैं।

यात्रा पर जा रहे हैं तो ये सावधानियां जरूर बरतें:

 मौसम अपडेट लेते रहें
बारिश/ओलों से बचने के लिए रेनकोट, छाता साथ रखें
पहाड़ी रास्तों में सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं
प्रशासन के निर्देशों का पालन करें
 सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें