चारधाम यात्रा: कुशल यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक, अधिकारियों को दिए गए अहम निर्देश

देहरादून, 08 अप्रैल 2025: चारधाम यात्रा के दौरान यातायात प्रबंधन को सुचारु और श्रद्धालुओं की सुविधा को सुनिश्चित करने के लिए सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में उच्चाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया, जिसमें यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि चारधाम यात्रा के संवेदनशील स्थलों की लगातार रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाए। इसके लिए यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि यात्रियों की सहायता के लिए मार्ग पर जगह-जगह हेल्पडेस्क स्थापित किए जाएं। साथ ही, यात्रा के प्रारंभिक चरण में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाने के निर्देश दिए गए ताकि भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी न रहे।

चारधाम यात्रा के दौरान दर्शन को व्यवस्थित करने के लिए स्लॉट मैनेजमेंट सिस्टम को प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों को यात्रा मार्गों से जुड़े सभी हितधारकों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के लिए कहा गया ताकि किसी भी स्तर पर असुविधा न हो। इसके अलावा, यात्रा पर आने वाली बसों में दो ड्राइवरों की अनिवार्य उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया ताकि चालकों की थकान से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

यात्रा मार्गों पर बाजार क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुरुष और महिला यात्रियों के लिए अलग-अलग मोबाइल टॉयलेट्स की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया। साथ ही, यातायात के दबाव को कम करने के लिए स्थानीय लोगों की खाली जमीन को अस्थाई पार्किंग के रूप में उपयोग करने की योजना बनाई गई। अधिकारियों को इस दिशा में त्वरित कार्रवाई करने के लिए कहा गया।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है। इस संबंध में सभी से अपील की गई कि वे चारधाम यात्रा पर आने से पहले अपना रजिस्ट्रेशन अवश्य कराएं। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि इन सभी कदमों का उद्देश्य यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाना है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।