300 crores, 5 countries and 3000 people: How dangerous is Changur Baba's conversion network?
छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन के ‘illegal conversion racket’ की जांच अब उत्तराखंड की राजधानी देहरादून तक पहुंच चुकी है। उत्तर प्रदेश ATS (Anti-Terrorist Squad) ने इस केस में देहरादून के शंकरपुर इलाके से अब्दुल रहमान को हिरासत में लिया है। वहीं, डोईवाला की रहने वाली एक महिला ‘मरियम’ से भी पूछताछ की गई है, जिसे इस ‘conversion network’ की अहम कड़ी माना जा रहा है।
कौन है अब्दुल रहमान?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक अब्दुल रहमान स्थानीय स्तर पर ‘conversion activities’ में शामिल था और उसका सीधा संबंध ‘छांगुर बाबा नेटवर्क’ से था। यूपी ATS ने गुरुवार को उसे शंकरपुर स्थित उसके घर से पकड़ा।
जांच के दौरान पुलिस को उसके पास से कई संदिग्ध दस्तावेज और electronic gadgets मिले हैं, जिन्हें जब्त कर forensic जांच के लिए भेजा गया है। शुरुआती जांच से संकेत मिले हैं कि वह ‘organized religious conversion’ अभियान का एक सक्रिय हिस्सा था।
UP Police उसे अपने साथ उत्तर प्रदेश ले गई है, जहां उससे यह पता लगाया जा रहा है कि ‘Dehradun module’ कितना बड़ा है और इसमें कितने लोग शामिल हैं।
मरियम कौन है और उसका क्या रोल है?
ATS द्वारा पूछताछ की गई डोईवाला की महिला मरियम की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। हालांकि अभी तक उसकी सीधी संलिप्तता साबित नहीं हुई है, लेकिन ‘preliminary interrogation’ से ये संकेत मिले हैं कि वह नेटवर्क के लिए ‘link provider’ या ‘local handler’ की भूमिका निभा रही थी।
स्थानीय पुलिस अब मरियम की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख रही है और उसके सोशल नेटवर्क और digital footprint की जांच भी की जा रही है।
उत्तराखंड में सतर्कता बढ़ी
‘Conversion racket in Dehradun’ की खबर सामने आते ही उत्तराखंड पुलिस भी अलर्ट पर है। देहरादून और उससे सटे क्षेत्रों में ‘suspicious activities’ को लेकर निगरानी तेज कर दी गई है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि देहरादून के कुछ अन्य इलाकों में भी इस नेटवर्क के ‘hidden cells’ हो सकते हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं यह ‘religious conversion syndicate’ पूरे उत्तराखंड में फैल तो नहीं चुका?