Bilawal gets a shock during his US visit: He gets an ultimatum to destroy Jaish-e-Mohammed
Pakistan Foreign Policy Fail: अमेरिका दौरे पर गए पाकिस्तानी विदेश मंत्री Bilawal Bhutto Zardari को उस वक्त शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा, जब अमेरिकी सांसद Brad Sherman ने खुले मंच पर उन्हें Jaish-e-Mohammed जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की चेतावनी दे दी।
अमेरिका ने पाकिस्तान को सुनाया सख्त संदेश
ब्रैड शर्मन ने X (पूर्व Twitter) पर पोस्ट करते हुए कहा:
“मैंने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को बताया कि आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई कितनी जरूरी है, खासकर Jaish-e-Mohammed के खिलाफ, जिसने मेरे निर्वाचन क्षेत्र के निवासी पत्रकार Daniel Pearl की हत्या की थी।”
उन्होंने पाकिस्तान से Religious Minorities Rights पर भी काम करने की मांग की, जिससे ईसाई, हिंदू और अहमदी समुदाय बिना डर के अपने धार्मिक अधिकारों का पालन कर सकें।
पाकिस्तान को मिला टास्क: खत्म करो जैश!
शर्मन ने साफ कहा कि पाकिस्तान को चाहिए कि वह इस Terrorist Organisation Jaish-e-Mohammed को पूरी तरह खत्म करने के लिए ठोस और निर्णायक कदम उठाए। उन्होंने डैनियल पर्ल की हत्या को Global Terrorism Impact का प्रतीक बताया और कहा कि आतंक के खिलाफ सख्त नीति से ही पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिल सकता है।
शकील अफरीदी की रिहाई की भी उठी मांग
ब्रैड शर्मन ने Dr. Shakeel Afridi की रिहाई की भी अपील की। उन्होंने कहा:
“डॉ. अफरीदी की रिहाई 9/11 के पीड़ितों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने ओसामा बिन लादेन को खोजने में CIA की मदद की थी, और अब 33 साल की सजा भुगत रहे हैं।”
अमेरिका में यह मामला अब भी भावनात्मक मुद्दा है और अफरीदी की रिहाई को US-Pakistan Relations का अहम बिंदु माना जा रहा है।
भारत के खिलाफ बोलना पड़ा उल्टा भारी!
बिलावल भुट्टो ने अपने अमेरिकी दौरे के दौरान Kashmir Issue को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने की कोशिश की, लेकिन UN और US Officials ने भारत के खिलाफ किसी भी एकतरफा बयान से दूरी बनाई। न्यूयॉर्क में UN Secretary-General Antonio Guterres और सुरक्षा परिषद के राजदूतों से मुलाकात के बाद बिलावल वॉशिंगटन पहुंचे, जहां उनका उद्देश्य भारत को कटघरे में खड़ा करना था। लेकिन अमेरिकी प्रतिक्रिया ने उन्हें अपने ही देश के आतंकी नेटवर्क पर सफाई देने के लिए मजबूर कर दिया।
भारत का बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल भी पहुंचा अमेरिका
उसी समय भारत से Shashi Tharoor के नेतृत्व में एक Multi-party Indian Delegation अमेरिका में मौजूद था। यह दल Operation Sindoor और Pahalgam Terror Attack के बाद भारत की आतंकवाद विरोधी नीति से अमेरिकी अधिकारियों को अवगत करा रहा था।
यह प्रतिनिधिमंडल वैश्विक मंच पर भारत की Anti-Terror Diplomacy को मज़बूत कर रहा है, जबकि पाकिस्तान को अपने ही पाले में उठते सवालों का जवाब देना पड़ रहा है।