उत्तराखंड में Health Scheme का बड़ा बदलाव: बच्चों को इलाज मिलेगा बिना कार्ड के

उत्तराखंड सरकार ने Ayushman Bharat Yojana के तहत बड़ा फैसला लिया है। अब 5 साल से छोटे बच्चों का इलाज माता-पिता के आयुष्मान कार्ड (Ayushman Card) के जरिए किया जा सकेगा, भले ही बच्चे का खुद का कार्ड न बना हो।

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण (State Health Authority) ने सभी लिस्टेड प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों को इस संबंध में नई गाइडलाइन जारी कर दी है।

 क्यों पड़ा यह फैसला ज़रूरी?

हाल ही में National Health Authority (NHA) ने नियम बनाया था कि 6 महीने से बड़े बच्चों के लिए अपना अलग आयुष्मान कार्ड बनाना जरूरी होगा।
लेकिन इस प्रक्रिया में:

पहले बच्चे का राशन कार्ड में नाम जुड़वाना होता है

फिर Ayushman portal पर आवेदन करके कार्ड बनवाना पड़ता है
इसमें काफी समय लगता था और आपात स्थिति में इलाज में देरी हो रही थी।

 अब क्या है नया प्रावधान?

अब अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि:

बच्चे के इलाज के लिए माता या पिता के Ayushman Card का इस्तेमाल किया जा सकता है

TMS Portal पर “Child Below 5 Years” का विकल्प चुनकर

बच्चे की Date of Birth,

और Parent-child relationship proof अपलोड किया जाए

साथ ही, माता-पिता में से किसी एक का Aadhaar Authentication जरूरी होगा

किन्हें लागू करना है ये नियम?

उत्तराखंड के सभी सरकारी और निजी सूचीबद्ध अस्पतालों को

ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू करने होंगे

CMO Dr. Manoj Sharma और DoMC Hospital MS Dr. RS Bisht ने इसकी पुष्टि की है