Census 2026 में बड़ा बदलाव: अब घर बैठे खुद भर सकेंगे डेटा, जानें कैसे काम करेगी Digital Census

भारत में Census 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार देश की जनगणना पूरी तरह Digital Format में की जा रही है, जिसे आजाद भारत के इतिहास का सबसे बड़ा तकनीकी बदलाव माना जा रहा है। उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे भारत के महा रजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि इस बार लोगों को “Self Enumeration” यानी घर बैठे खुद अपनी जानकारी भरने का विकल्प दिया गया है।

उन्होंने देहरादून में जनगणना कार्यों का निरीक्षण करते हुए बताया कि डिजिटल जनगणना से डेटा की गुणवत्ता बेहतर होगी और गलतियों को तेजी से सुधारा जा सकेगा।

पहली बार मिलेगा Self Enumeration का विकल्प

Census 2026 में नागरिक खुद Online Portal या Digital Platform के जरिए अपना डेटा भर सकेंगे। इसे “Self Enumeration” नाम दिया गया है। महा रजिस्ट्रार के मुताबिक देशभर में करोड़ों लोग इस विकल्प का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो इस नए सिस्टम की स्वीकार्यता को दिखाता है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में Self Enumeration जनगणना प्रक्रिया का अहम हिस्सा बन सकता है।

Digital Census से क्या होंगे फायदे?

Digital Census 2026 के जरिए सरकार को तेजी से और ज्यादा Accurate Data मिलने की उम्मीद है। इसके कई बड़े फायदे बताए जा रहे हैं:

डेटा एंट्री में कम होंगी गलतियां
Real Time Monitoring आसान होगी
डेटा प्रोसेसिंग में समय कम लगेगा
Census Results जल्दी जारी किए जा सकेंगे
Paperless System से पारदर्शिता बढ़ेगी

महा रजिस्ट्रार ने कहा कि फील्ड स्टाफ के पास Offline Data Collection का विकल्प भी रहेगा, लेकिन सभी आंकड़ों को बाद में Digital Format में Convert किया जाएगा।

उत्तराखंड में जनगणना कार्य का निरीक्षण

देहरादून के देहराखास क्षेत्र में महा रजिस्ट्रार मृत्युंजय कुमार नारायण ने घर-घर जाकर जनगणना प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने सुपरवाइजर भूपेंद्र सिंह बिष्ट और प्रगणक हसीना जैदी से बातचीत कर फील्ड में आने वाली चुनौतियों की जानकारी ली।

उन्होंने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा कि लोगों को उनकी जानकारी पूरी तरह Confidential रहने का भरोसा दिया जाए।

“कोई दिक्कत तो नहीं आ रही?”

निरीक्षण के दौरान महा रजिस्ट्रार ने फील्ड स्टाफ से पूछा कि लोगों को Digital Census के बारे में सही तरीके से समझाया जा रहा है या नहीं। उन्होंने यह भी पूछा कि कहीं तकनीकी या कानून-व्यवस्था से जुड़ी कोई परेशानी तो सामने नहीं आ रही।

फील्ड अधिकारियों ने बताया कि जनगणना का काम सुचारू रूप से चल रहा है और लोगों का अच्छा सहयोग मिल रहा है।

कैसे होगी Digital Coding?

Census 2026 में हर परिवार और व्यक्ति के डेटा को डिजिटल कोडिंग सिस्टम के जरिए रिकॉर्ड किया जाएगा। इससे डेटा का वर्गीकरण, विश्लेषण और Verification आसान होगा।

सरकार का लक्ष्य है कि Artificial Intelligence, Data Analytics और Digital Coding की मदद से जनगणना को ज्यादा स्मार्ट और तेज बनाया जाए। इससे भविष्य की सरकारी योजनाओं और Policy Making में भी मदद मिलेगी।

नए जनगणना कार्यालय भवन का उद्घाटन

उत्तराखंड दौरे के दौरान महा रजिस्ट्रार ने देहराखास में जनगणना निदेशालय के नए कार्यालय भवन का उद्घाटन भी किया। इससे पहले यह कार्यालय किराये के भवन से संचालित हो रहा था।

इस मौके पर जनगणना कार्य सचिव दीपक कुमार, निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव, संयुक्त निदेशक शैलेंद्र सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

Digital India की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि Digital Census 2026, Digital India Mission की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है। इससे देश की जनसंख्या, सामाजिक और आर्थिक स्थिति से जुड़े आंकड़े अधिक सटीक और तेजी से उपलब्ध होंगे।