पीलीभीत में महिला से ज्यादती, पुलिस की लापरवाही के बाद लखनऊ में आत्मदाह की कोशिश

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक महिला के साथ घर में घुसकर छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस अधीक्षक (SP) ने कड़ा ऐक्शन लेते हुए SOG प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को लाइनहाजिर कर दिया है। यह कार्रवाई तब की गई जब पीड़िता ने न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए लखनऊ में आत्मदाह का प्रयास किया।

क्या है पूरा मामला?

पीलीभीत के थाना हजारा क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने 14 मई को हजारा थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी। उसका आरोप था कि 23 अप्रैल की रात करीब डेढ़ बजे, पांच लोग एक चार पहिया वाहन से उसके घर में घुसे और उसके साथ छेड़छाड़ की। जब उसने विरोध किया, तो उन लोगों ने उसे मारपीट कर पिस्टल दिखाते हुए जान से मारने की धमकी दी।

सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि आरोपित सभी लोग एसओजी (Special Operations Group) टीम के सदस्य बताए गए। लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज तो किया, मगर अज्ञात के खिलाफ, और करीब एक महीने तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई

लखनऊ में आत्मदाह का प्रयास और उच्चाधिकारियों की एंट्री

न्याय की उम्मीद टूटने पर पीड़िता ने 23 जून को लखनऊ जाकर अपने भाई और भांजे के साथ आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिस ने समय रहते उन्हें बचाया और हजारा पुलिस को सूचना दी। इसके बाद महिला को पीलीभीत वापस लाया गया।

मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद, SP ने तत्काल ऐक्शन लेते हुए इन पांच पुलिसकर्मियों को लाइनहाजिर कर दिया:

  • क्रांतिवीर – SOG प्रभारी

  • अजब सिंह – हेड कांस्टेबल

  • अजय चौधरी – कांस्टेबल

  • शाहनवाज – कांस्टेबल

  • कुलदीप – कांस्टेबल

प्रशासन पर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग तेज

  • महिला का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने निष्क्रियता दिखाई

  • पीड़िता ने सोशल और कानूनी माध्यमों से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन नतीजा नहीं निकला।

  • लखनऊ में आत्मदाह के प्रयास ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए।