क्या Robert Vadra की मुश्किलें फिर बढ़ने वाली हैं? जानिए ED की अगली चाल

ईडी (Enforcement Directorate) ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा से एक बार फिर पूछताछ की है। करीब छह साल के लंबे अंतराल के बाद वाड्रा से मंगलवार को छह घंटे तक पूछताछ हुई। ये पूछताछ Money Laundering केस के तहत की गई जिसमें आरोप है कि वाड्रा ने गुरुग्राम के शिकोहपुर में 7.5 करोड़ रुपये में ज़मीन खरीदकर DLF को 58 करोड़ रुपये में बेची थी। अब ईडी ने उन्हें दोबारा बुधवार को पेश होने का समन भेजा है।

ED की पुरानी जांचें फिर से हुईं एक्टिव

ईडी इससे पहले भी वाड्रा से 2018 और 2019 में कई बार पूछताछ कर चुकी है, लेकिन हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चल रही याचिकाओं के चलते मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। अब जब Legal Remedies खत्म हो चुके हैं, तो जांच एजेंसी ने फिर से कार्रवाई शुरू की है। डीएलएफ से मिले 58 करोड़ में से अधिकांश राशि को ईडी पहले ही जब्त कर चुकी है, जिसमें वाड्रा की कंपनी Skylight Hospitality Pvt. Ltd. की संपत्तियां भी शामिल हैं।

अन्य मामलों की भी हो रही है जांच: Bikaner और London Property Deal

ईडी की नजरें सिर्फ गुरुग्राम केस पर नहीं हैं। वाड्रा के खिलाफ Bikaner Land Scam और लंदन की प्रॉपर्टी “12 Bryanston Square” से जुड़े मामलों की भी जांच चल रही है। लंदन में स्थित यह संपत्ति असल में वाड्रा की बताई जा रही है, जिसे कथित तौर पर कारोबारी संजय भंडारी ने खरीदा था। भंडारी वर्तमान में ब्रिटेन में Extradition केस का सामना कर रहे हैं। जल्द दाखिल होगी Chargesheet: Omkareshwar Properties और DLF के अधिकारियों से भी पूछताछ। सूत्रों की मानें तो जल्द ही Omkareshwar Properties और DLF के अधिकारियों से भी पूछताछ की जाएगी। इसके बाद वाड्रा समेत अन्य आरोपितों के खिलाफ PMLA की धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

Bikaner में 65 हेक्टेयर जमीन डील पर भी शिकंजा

ईडी के अनुसार, वाड्रा ने 75 लाख में जमीन खरीदकर उसे 5 करोड़ में बेचा। इस डील में भारी Financial Irregularities पाई गई हैं। इस केस में 6.87 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त की जा चुकी हैं और एक अचल संपत्ति भी Skylight Hospitality के नाम है। ईडी पहले ही इस केस में 9 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और वाड्रा की भूमिका की जांच अब अंतिम चरण में है।

हुड्डा सरकार के दौरान हुआ था पूरा खेल?

2008 में जब हरियाणा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री थे, उसी दौरान वाड्रा की कंपनी को कथित रूप से सस्ती दरों पर जमीन अलॉट की गई। भाजपा ने 2014 के विधानसभा चुनाव में इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया था और इसी पर आधारित केस 2018 में गुरुग्राम के खेड़की दौला थाने में दर्ज हुआ। ईडी इसी एफआईआर के आधार पर जांच कर रही है, जिसमें हुड्डा समेत अन्य नाम भी सामने आए हैं।

वाड्रा और DLF डील पर उठे कई सवाल

शिकायतकर्ता सुरेंद्र शर्मा के अनुसार, हुड्डा सरकार ने DLF को 350 एकड़ ज़मीन का अलॉटमेंट वाड्रा की कंपनी के साथ हुई डील के बदले किया था। ईडी इस पूरे मामले में Financial  Mismanagement, Benami Transactions और quid pro quo की संभावनाओं की जांच कर रही है।

क्या अगला कदम होगा गिरफ्तारी?

अब सवाल ये है कि क्या वाड्रा के खिलाफ आने वाले समय में Arrest Warrant जारी हो सकता है? क्या संजय भंडारी का प्रत्यर्पण इस मामले को नया मोड़ देगा?  जवाब अभी जांच के बाद ही सामने आएगा, लेकिन इतना तय है कि रॉबर्ट वाड्रा के लिए आने वाले दिन आसान नहीं होंगे।