Ankita Bhandari Murder Verdict: 2 साल बाद मिला इंसाफ, दोषियों को कोर्ट ने ठहराया कसूरवार
उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड (Ankita Bhandari Murder Case) में कोटद्वार की एडीजे कोर्ट ने शुक्रवार को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराया है। यह केस सितंबर 2022 से विचाराधीन था और अब करीब 2 साल 8 महीने बाद पीड़िता के परिवार को न्याय मिला है।
कोर्ट का फैसला: दोषी करार
30 मई 2025 को कोर्ट ने जो धाराएं लगाईं, वे इस प्रकार हैं:
-
पुलकित आर्य पर: IPC की धारा 302 (हत्या), 201 (सबूत मिटाना), 354A (यौन उत्पीड़न) और ITPA की धारा 3(1)d
-
सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता पर: धारा 302, 201, और ITPA की धारा 3(1)d
सरकार ने कैसे दिया परिवार का साथ?
अंकिता भंडारी की हत्या के बाद से ही उत्तराखंड सरकार ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए कई ठोस कदम उठाए, जिनमें शामिल हैं:
-
24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी और जेल भेजना
-
SIT का गठन, ताकि केस की जांच निष्पक्ष हो
-
आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी केस दर्ज
-
पीड़िता के परिवार को ₹25 लाख की आर्थिक मदद
-
केस में 500 पन्नों की चार्जशीट, 100 गवाहों के बयान
-
3 बार बदला गया सरकारी वकील, परिजनों की मांग पर
-
अंकिता के भाई और पिता को सरकारी नौकरी
-
कोर्ट में सख्त पैरवी, हर बार जमानत याचिका खारिज
क्या-क्या हुआ अब तक?
-
18 सितंबर 2022: अंकिता वनतरा रिजॉर्ट से लापता हुई
-
24 सितंबर 2022: उसका शव चीला नहर से बरामद
-
30 जनवरी 2023: कोर्ट में पहली सुनवाई
-
28 मार्च 2023: अभियोजन पक्ष की गवाही शुरू
-
30 मई 2025: कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया