A major twist in the retired Brigadier Mukesh Joshi case, his wife wrote a letter to the DLSA.
देहरादून में चर्चित रिटायर्ड ब्रिगेडियर मर्डर केस में अब नया मोड़ सामने आया है। Mukesh Joshi के परिवार ने उत्तराखंड सरकार से एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। परिवार का आरोप है कि घटना को एक महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद सरकार और प्रशासन की ओर से कोई ठोस मदद नहीं मिली है।
Morning Walk के दौरान चली गोली, मौके पर हुई मौत
30 मार्च की सुबह रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी रोज की तरह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। उसी दौरान मसूरी रोड स्थित जोहड़ी गांव में दो पक्षों के बीच फायरिंग हो गई। बताया गया कि गोलीबारी के दौरान एक गोली ब्रिगेडियर मुकेश जोशी को लग गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस घटना ने पूरे देहरादून और उत्तराखंड में Law and Order को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
पत्नी ने DLSA को लिखा पत्र
ब्रिगेडियर की पत्नी Renu Joshi ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के सचिव को पत्र लिखकर मुआवजे के लिए हस्तक्षेप की मांग की है।
16 अप्रैल को लिखे गए पत्र में उन्होंने बताया कि उनके पति ने 36 वर्षों तक भारतीय सेना में सेवा दी थी। उनकी बहादुरी और उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था।
‘घटना से कोई लेना-देना नहीं था’
रेनू जोशी ने अपने पत्र में साफ कहा कि जिस गोलीबारी में उनके पति की जान गई, उससे उनका कोई संबंध नहीं था। वह एक निर्दोष नागरिक और सम्मानित पूर्व सैनिक थे, जो सिर्फ मॉर्निंग वॉक पर निकले थे।
उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 और 300A के तहत नागरिकों की सुरक्षा करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
परिवार ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
रेनू जोशी का कहना है कि कानून-व्यवस्था की विफलता के कारण उनके पति की सार्वजनिक सड़क पर हत्या हुई। ऐसे में राज्य सरकार पर परिवार को Compensation देने का नैतिक और कानूनी दायित्व बनता है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि ब्रिगेडियर की राष्ट्रसेवा और दुखद परिस्थितियों को देखते हुए परिवार को एक करोड़ रुपये का अनुग्रह मुआवजा दिया जाए।
‘सिर्फ आश्वासन मिला, मदद नहीं’
ब्रिगेडियर की पत्नी ने आरोप लगाया कि घटना के बाद मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami समेत कई नेताओं और अधिकारियों ने मदद का भरोसा दिया था, लेकिन अब परिवार लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि अब तक पुलिस आरोपियों के खिलाफ Chargesheet दाखिल नहीं कर पाई है, जिससे परिवार में भारी नाराजगी है।
Uttarakhand में Law and Order पर उठे सवाल
इस घटना के बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर विपक्ष भी सरकार को घेर रहा है। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एक पूर्व सैनिक की दिनदहाड़े गोली लगने से मौत होना राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।