Politics heats up ahead of the 2027 Assembly elections, with both the organization and the government active.
कर्नाटक (Karnataka News) के हुबली शहर में मंगलवार को उस वक्त political controversy खड़ी हो गई, जब एक BJP महिला कार्यकर्ता के साथ पुलिस हिरासत के दौरान कथित बदसलूकी का मामला सामने आया। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा हिरासत में लेते समय महिला के साथ धक्का-मुक्की हुई और उसके कपड़े फाड़ दिए गए, जिसके बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
वायरल वीडियो ने बढ़ाई हलचल
घटना से जुड़ा एक viral video on social media तेजी से फैल रहा है। वीडियो में महिला कार्यकर्ता एक बस के भीतर दिखाई दे रही है, जहां उसे पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों ने चारों ओर से घेर रखा है। फुटेज में महिला लगातार विरोध जताती नजर आती है, जबकि इसी दौरान उसके साथ कथित तौर पर physical scuffle होता दिखाई देता है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्यों हुई महिला कार्यकर्ता की गिरफ्तारी?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, महिला कार्यकर्ता को कांग्रेस पार्षद सुवर्णा कल्लाकुंटला की शिकायत के आधार पर हिरासत में लिया गया था। यह शिकायत राज्य में चल रहे Voter List Revision Drive से जुड़ी बताई जा रही है। आरोप है कि महिला ने अधिकारियों के साथ मिलकर कुछ मतदाताओं के नाम सूची से हटवाने में मदद की। हालांकि, महिला कार्यकर्ता ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है और इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।
महिला सुरक्षा को लेकर BJP ने उठाए सवाल
इस घटना को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला (Shehzad Poonawalla) ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कर्नाटक में women safety under Congress rule पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पुलिस हिरासत में किसी महिला की मर्यादा भंग होती है और उसके कपड़े फाड़े जाते हैं, तो यह बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, “क्या यही है ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’?” और क्या राजनीतिक असहमति का यही तरीका है कि एक भाजपा महिला कार्यकर्ता के साथ इस तरह का व्यवहार किया जाए। पूनावाला ने इस घटना को shameful incident बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
कांग्रेस और BJP कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ा टकराव
जानकारी के अनुसार, संबंधित महिला पहले कांग्रेस से जुड़ी हुई थीं और हाल ही में भाजपा में शामिल हुई थीं। इसी राजनीतिक बदलाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच पहले भी तनाव की स्थिति बनी हुई थी। मंगलवार को यह विवाद open confrontation में बदल गया, जिसके बाद पुलिस हस्तक्षेप हुआ।
पुलिस की चुप्पी, जांच की मांग तेज
अब तक इस पूरे मामले पर Karnataka Police या स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, हिरासत के दौरान महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर सवाल लगातार बढ़ रहे हैं। विपक्ष और सामाजिक संगठनों की ओर से मामले की independent inquiry और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।