CM Dhami takes a tough stand, warns officers over forced closure of 22,000 complaints
देहरादून में त्रिपुरा के छात्र Angel Chakma की हत्या के मामले में Uttarakhand Government ने उनके परिवार को ₹4,12,500 की आर्थिक सहायता प्रदान की है। यह मदद Scheduled Caste and Scheduled Tribe (Prevention of Atrocities) Act के तहत दी गई है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने पीड़ित परिवार से फोन पर बात कर उन्हें न्याय और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
एमबीए छात्र Angel Chakma की कॉलेज कैंटीन में हुई झड़प के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई थी। सरकारी बयान के अनुसार, छात्र के पिता Tarun Prasad Chakma को पहली किश्त के रूप में 4,12,500 रुपये आर्थिक मदद भेजी गई। यह राशि SC/ST Atrocities Act 1989 और Civil Rights Protection Act के तहत स्वीकृत की गई है।
मुख्यमंत्री Dhami ने परिवार से बात करते हुए कहा कि आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने घटना पर दुख व्यक्त किया और बताया कि उत्तराखंड में देश-विदेश से पढ़ाई के लिए आने वाले छात्रों को हमेशा सुरक्षित वातावरण मिला है।
सीएम ने यह भी बताया कि इस मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि एक फरार है जो नेपाल भाग गया है। उस पर ₹25,000 का इनाम घोषित किया गया है। उत्तराखंड पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है। इस मामले पर मुख्यमंत्री ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री Dr. Manik Saha के साथ भी चर्चा की और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah तथा रक्षा मंत्री Rajnath Singh से भी संपर्क किया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच, कांग्रेस नेता Rahul Gandhi समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने हत्या को नफरत की मानसिकता का नतीजा बताया। सपा प्रमुख Akhilesh Yadav ने Supreme Court से न्याय सुनिश्चित करने की मांग की। पूर्व केंद्रीय मंत्री Shashi Tharoor ने इसे राष्ट्रीय कलंक करार दिया, जबकि केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju ने लोगों से एकजुट होकर नस्लवाद और घृणा अपराधों के खिलाफ लड़ने की अपील की। दिल्ली के सीएम Arvind Kejriwal ने भी देश में National Law Against Racism & Hate Crimes की आवश्यकता पर जोर दिया।
उत्तराखंड पुलिस ने बताया कि Angel Chakma की मौत spinal and head injuries के कारण हुई। छह आरोपियों में से पांच को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। फरार आरोपी Yagyraj Awasthi नेपाल के Kanchanpur District का निवासी है। गिरफ्तार आरोपियों में तीन मणिपुर निवासी हैं: Suraj Khwas (22), Avinash Negi (25), और Sumit (25)। दो आरोपी नाबालिग हैं