देहरादून के Raipur police station area अंतर्गत सहस्त्रधारा रोड पर रहने वाले एक बुजुर्ग दंपति को cyber fraud का शिकार बनाते हुए ठगों ने छह दिनों तक digital arrest scam में फंसाकर लाखों रुपये की ठगी कर ली। मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने Cyber Crime Police Station में शिकायत दर्ज कराई।
खुद को Mumbai Crime Branch का अधिकारी बताया
पीड़ित पंकज अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि 7 दिसंबर को उनके पास एक फोन कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को Crime Branch Mumbai officer बताते हुए कहा कि उनके नाम से जुड़े बैंक खातों का इस्तेमाल money laundering case में किया गया है।
ठगों ने दावा किया कि:
पीड़ित के नाम पर फर्जी बैंक खाते खोले गए हैं
इन खातों से करीब 2 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है
मामला Jet Airways–Naresh Goyal money laundering case से जुड़ा है
उनके खिलाफ पहले से कई शिकायतें और एक FIR दर्ज है
“Digital Arrest” के नाम पर डर और धमकी
साइबर ठगों ने बुजुर्ग दंपति को यह कहकर डराया कि उन्हें digitally arrested किया जा चुका है।
उन्हें निर्देश दिए गए कि:
फोन कॉल किसी भी हालत में डिस्कनेक्ट न करें
किसी परिवारजन, दोस्त या बाहरी व्यक्ति से बात न करें
आदेश न मानने पर गिरफ्तारी, बैंक अकाउंट फ्रीज और परिवार को हिरासत में लेने की धमकी दी गई
लगातार धमकियों के कारण दंपति मानसिक दबाव, डर और घबराहट में आ गए और अपने ही घर में खुलकर बात करने से भी डरते रहे।
खातों की जांच के नाम पर 12.80 लाख की ठगी
साइबर ठगों ने बैंक खातों की तथाकथित जांच के बहाने पीड़ित से ₹12.80 लाख अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
इतना ही नहीं, ठगों ने यह भी कहा कि घरेलू खर्च के लिए वे अपने खाते में सिर्फ ₹20,000 ही रख सकते हैं।
शक होने पर खुला राज
जब पीड़ित को संदेह हुआ और उन्होंने अपने रिश्तेदारों से संपर्क किया, तब उन्हें एहसास हुआ कि वे online scam का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद 13 दिसंबर को उन्होंने तुरंत cyber crime helpline 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
Zero FIR के बाद Raipur थाने में केस ट्रांसफर
थाना रायपुर प्रभारी Girish Negi ने बताया कि पहले Cyber Crime Police Station में Zero FIR दर्ज की गई, जिसके बाद मामला रायपुर थाने में ट्रांसफर कर दिया गया है।
फिलहाल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर police investigation जारी है।