Haridwar–Rishikesh Ganga Corridor: Kashi–Ayodhya मॉडल पर बनेगा नया धार्मिक कॉरिडोर, Kumbh 2027 के लिए 1027 करोड़
धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा तट पर प्रस्तावित Christmas Programme को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। तीर्थ पुरोहितों के कड़े विरोध के बाद आखिरकार यह कार्यक्रम cancel कर दिया गया। यह आयोजन गंगा किनारे स्थित उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा संचालित Hotel Bhagirath में प्रस्तावित था।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ Invitation, भड़के तीर्थ पुरोहित
24 दिसंबर को हरिद्वार में “Experience Christmas” Event आयोजित किए जाने की जानकारी जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई, तीर्थ पुरोहितों ने इसका विरोध शुरू कर दिया।
तीर्थ पुरोहित Ujjwal Pandit ने इस कार्यक्रम को हिंदू भावनाओं के खिलाफ बताते हुए कहा कि गंगा तट पर इस तरह के आयोजन किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि कार्यक्रम रद्द नहीं किया गया तो वे मौके पर पहुंचकर strong protest करेंगे।
“गंगा की भूमि पर ऐसे कार्यक्रम नहीं होंगे”: उज्जवल पंडित
उज्जवल पंडित ने कहा कि उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा संचालित होटल भगीरथ में क्रिसमस कार्यक्रम का आयोजन Sanatan Dharma की परंपराओं के विरुद्ध है।
उन्होंने कहा,
“गंगा के तट पर किसी भी तरह का हिंदू विरोधी आयोजन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आज पूरा देश सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।”
उन्होंने सवाल उठाया कि जिस राज्य में Chief Minister Yogi Adityanath जैसे मुख्यमंत्री हों, वहां ऐसे कार्यक्रमों की अनुमति कैसे दी जा रही है।
जिला प्रशासन से भी अनुमति न देने की मांग
तीर्थ पुरोहित ने जिला प्रशासन से मांग की कि भविष्य में गंगा तट पर इस तरह के religious sensitive events को अनुमति न दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोबारा ऐसा प्रयास किया गया तो तीर्थ पुरोहित समाज एकजुट होकर विरोध करेगा।
धार्मिक भावनाओं के चलते रद्द हुआ कार्यक्रम
विवाद बढ़ने और सोशल मीडिया पर विरोध की खबरें आने के बाद आयोजकों ने कार्यक्रम को रद्द करने का फैसला लिया।
Hotel Manager Kapil Dharamwal ने बताया कि धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन ने Christmas Event cancelled करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय की भावनाओं को आहत करना प्रबंधन का उद्देश्य नहीं था।