Strict action is being taken against IndiGo! Will the government cancel 110 flights?
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी IndiGo Airlines की हालिया उड़ान रद्द करने की घटनाओं के बाद अब सरकार गंभीर मोड में आ गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इंडिगो को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है क्योंकि केंद्र सरकार कंपनी के खिलाफ कड़ा कदम (Strict Action) उठाने की तैयारी में है।
नागरिक उड्डयन मंत्री K. राम मोहन नायडू ने सोमवार को संकेत दिया कि इंडिगो के खिलाफ ऐसा फैसला लिया जाएगा जो पूरी इंडस्ट्री के लिए मिसाल (Example) बनेगा।
IndiGo से छीनी जा सकती हैं रोज़ाना 110 उड़ानें!
नायडू के अनुसार, इंडिगो फिलहाल लगभग 2,200 फ्लाइट्स प्रतिदिन संचालित कर रही है, लेकिन अब सरकार उसके Winter Flight Schedule में कटौती कर सकती है। बताया जा रहा है कि प्रतिदिन करीब 110 उड़ानें हटाई जा सकती हैं और इन्हें अन्य विमानन कंपनियों को दिया जाएगा।
रद्द फ्लाइट्स पर यात्रियों को अब तक 745 करोड़ का रिफंड
सरकार ने बताया कि 1 से 8 दिसंबर तक रद्द हुए 7,30,655 PNRs के लिए यात्रियों को अब तक कुल 745 करोड़ रुपये वापस किए जा चुके हैं।
साथ ही एयरलाइन द्वारा गुम हुए बैगों में से 9,000 में से 6,000 बैग यात्रियों को लौटा दिए गए हैं, बाकी बैगों की डिलीवरी आज रात या मंगलवार सुबह तक हो जाएगी।
IndiGo के शेयरों पर असर
लगातार हो रही रद्द उड़ानों और सरकार की इस कार्रवाई के बाद IndiGo के shares भी गिरावट में हैं। Aviation sector experts का मानना है कि इस एक्शन के बाद IndiGo की market share और brand trust दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
क्यों हुईं इतनी उड़ानें रद्द?
IndiGo ने DGCA से मिले नोटिस के जवाब में कहा कि यह स्थिति केवल उनकी गलती नहीं है। एयरलाइन के अनुसार:
Winter Schedule Transition
Minor Technical Issues
Bad Weather
नए नियम Crew Duty Time Limitation (FDTL Phase-2)
Crew Rostering में बड़े बदलाव
इन सभी कारणों की वजह से नेटवर्क बिगड़ गया और फ्लाइट्स लगातार रद्द करनी पड़ीं।
एयरलाइन ने DGCA से नियमों के अनुसार 15 दिन अतिरिक्त समय मांगा है ताकि स्थिति सामान्य की जा सके।
आगे क्या?
सरकार का स्पष्ट संदेश है —
“Passengers First, Airlines Later.”
अगर IndiGo हालात नहीं संभालती तो कार्रवाई और भी कड़वी और ऐतिहासिक हो सकती है।