Indresh Upadhyay: After the wedding, a grand welcome was given in Vrindavan, the city resounded with band music and fireworks.
कथावाचक आचार्य इंद्रेश उपाध्याय अपने विवाह के बाद शनिवार शाम वृंदावन पहुंचे, जहां उनका स्वागत बैंड-बाजे, पुष्पवर्षा और रंग-बिरंगी आतिशबाजी के साथ भव्य ढंग से किया गया। जैसे ही आचार्य अपनी दुल्हन के साथ शहर में दाखिल हुए, पूरा माहौल उत्सवमय बन गया। भक्तों, अनुयायियों और स्थानीय नागरिकों ने उन्हें गर्मजोशी से सम्मानित किया।
आचार्य इंद्रेश का विवाह जयपुर में शाही अंदाज में सम्पन्न हुआ था। इस विशेष अवसर पर 101 ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विवाह संस्कार संपन्न कराए। समारोह में संत-महात्मा, समाजसेवी और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां भी उपस्थित रही, जिन्होंने विवाह के पावन अवसर को और भव्य बना दिया।
वृंदावन आगमन पर आयोजित स्वागत समारोह में आतिशबाजी और बैंड-बाजे के बीच, उपस्थित लोग आचार्य और उनकी दुल्हन को फूलों की वर्षा कर सम्मानित करते रहे। इस भव्य स्वागत ने शहर में एक उत्सवपूर्ण माहौल उत्पन्न कर दिया।