देशभर में होने वाली National Tiger Census 2025 की तैयारी अब तेज हो गई है। इसी कड़ी में Wildlife Institute of India (WII) ने उत्तराखंड में मौजूद वन अधिकारियों और फॉरेस्ट कर्मियों को Tiger Census Training दी है। यह Training चूनाखान Eco Tourism Centre में आयोजित की गई, जिसमें कॉर्बेट और अन्य Tiger Habitat क्षेत्रों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
Training क्यों है जरूरी?
हर चार साल में देशभर में Tiger Population की Scientific Counting की जाती है। इस बार कोई Error न रहे और Exact Tiger Count सामने आए, इसी उद्देश्य से WII ने वनकर्मियों को Advanced Methods और Modern Tools की ट्रेनिंग दी।
इस Training में शामिल हुए:
Corbett Tiger Reserve के अधिकारी
Uttarakhand के अन्य Tiger Ranges
Junior Research Fellows
Forest Guards और Field Staff
विशेषज्ञों ने Camera Trapping, Field Survey Techniques, GPS Mapping, Data Recording और Survey Methodology जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया।
Tiger Census में होगा Camera Trap Technology का व्यापक उपयोग
WII इस बार भी Camera Trap Method पर विशेष जोर दे रहा है। यह तकनीक Tiger Monitoring और Wildlife Research के लिए सबसे भरोसेमंद और Global स्तर पर स्वीकार की गई तकनीक है।
इस प्रक्रिया में कैमरे अपने-आप बाघों की तस्वीरें कैप्चर करते हैं और उनकी पहचान उनके Unique Stripe Pattern (धारियों के पैटर्न) के आधार पर होती है। बिल्कुल Fingerprint की तरह, हर Tiger की धारियां अलग होती हैं, जिससे उसकी सटीक पहचान संभव बनती है।
Tiger Conservation Strategy में मिलेगा फायदा
Camera Trap डेटा से प्राप्त परिणामों के आधार पर:
Tiger Density
Tiger Movement Pattern
Habitat Status
Prey Base Condition
का विश्लेषण किया जाएगा। यह आंकड़े आगे National Wildlife Conservation Policy बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
Uttarakhand में Tiger Population
Uttarakhand Tiger Habitat के रूप में विश्व स्तर पर जाना जाता है। यहां:
Corbett Tiger Reserve में: 260+ Tiger
पूरे उत्तराखंड में कुल: 560 Tiger दर्ज
कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व दुनिया के उन क्षेत्रों में शामिल है जहां Tiger Density सबसे अधिक दर्ज की जाती है।
आगामी Tiger Sensus क्यों महत्वपूर्ण?
आगामी Census से भारत में Tigers की Updated स्थिति सामने आएगी। यह रिपोर्ट:
National Tiger Conservation Authority
Forest Department
Wildlife Experts
Ecological Policy Makers
के लिए भविष्य की रणनीति तय करने में अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।