फिदायीन हमले के लिए उमर ने कर लिया था तैयार, लेकिन दो बड़ी वजहों से जसीर ऐन वक्त पर पीछे हट गया

दिल्ली में हुए आतंकी हमले की जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर नबी न सिर्फ खुद फिदायीन बनने को तैयार था, बल्कि वह अपने साथियों को भी इस रास्ते पर धकेल रहा था। योजना यह थी कि दिल्ली सहित कई जगहों पर फिदायीन हमलों की श्रृंखला चलाई जाए।

उमर ने तैयार किया था दूसरा सुसाइड बॉम्बर

एजेंसी सूत्रों ने बताया कि उमर ने अपने अलावा एक और युवक—काजीगुंड निवासी जसीर बिलाल उर्फ दानिश—को भी आत्मघाती हमलावर बनाने की योजना बनाई थी। वह सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा था और लंबे समय से कट्टरपंथी बनाया जा रहा था।
लेकिन अप्रैल 2025 में जसीर ने फिदायीन बनने से इनकार कर दिया। यही वह मोड़ था जहां पूरी फिदायीन योजना ध्वस्त हो गई।

क्यों पीछे हटा जसीर?

जसीर ने दो बड़ी वजहें बताईं—

परिवार की खराब आर्थिक स्थिति

इस्लाम में आत्महत्या को हराम मानने का उसका दृढ़ विश्वास

जसीर ने एजेंसियों को बताया कि उसे बचपन से सिखाया गया था कि आत्महत्या इस्लाम में सख्त तौर पर वर्जित है। इसलिए वह सुसाइड बॉम्बर बनने के लिए तैयार नहीं हुआ।
2023 से हो रहा था ब्रेनवॉश

जांच में पता चला है कि यह मॉड्यूल लंबे समय से सक्रिय था।

जसीर की मुलाकात गिरोह से अक्टूबर 2023 में कुलगाम में हुई।

इसके बाद उसे फरीदाबाद के अल-फलाह विश्वविद्यालय के पास किराए के मकान में ले जाकर महीनों तक ब्रेनवॉश किया गया।

यह पूरा काम मॉड्यूल के मास्टरमाइंड डॉ. उमर नबी की देखरेख में चल रहा था।

उमर का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें वह अंग्रेज़ी में सुसाइड बॉम्बिंग को ‘शहादत’ बताते हुए उसे सही ठहराने की कोशिश करता दिख रहा है।

जसीर के पीछे हटने के बाद खुद फिदायीन बना उमर

एजेंसियों के अनुसार, जब जसीर ने आत्मघाती बनने से इनकार किया, तो उमर ने खुद ही फिदायीन हमले की जिम्मेदारी उठाई और लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार ब्लास्ट को अंजाम दिया।

और कौन-कौन है मॉड्यूल में?

जांच एजेंसियों को शक है कि मॉड्यूल में और भी कई नाम शामिल हैं जिन्हें फिदायीन दस्ते में लेने की कोशिश की गई थी।
उनकी पहचान और भूमिका का पता लगाने के लिए गहन जांच जारी है।