Taxpayers must complete these tasks before December 31st, failing which heavy fines will be imposed.
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने करदाताओं को भरोसा दिलाया है कि यदि आयकर रिफंड अभी तक नहीं मिला है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में गलत रिफंड दावा या कटौतियों के कारण कम राशि का रिफंड जारी किया गया है।
रिफंड में देरी के कारण और समाधान
अग्रवाल ने कहा कि विभाग कुछ उच्च राशि वाले रिफंड दावों का विश्लेषण कर रहा है या जिन्हें सिस्टम ने लाल झंडी दिखा दी थी। उन्होंने करदाताओं को सुझाव दिया कि यदि उन्होंने रिटर्न में कुछ जानकारी छूट गई है, तो वे संशोधित रिटर्न (Revised Return) दाखिल कर सकते हैं।
कर संग्रह का उत्साहजनक प्रदर्शन
CBDT चेयरमैन ने भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (IITF) में करदाताओं के लाउंज का उद्घाटन करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 में बजट में निर्धारित 25.20 लाख करोड़ रुपये के कर संग्रह लक्ष्य को पूरा करने की उम्मीद जताई।
उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष कर संग्रह में पिछले साल की तुलना में 6.99% की बढ़ोतरी हुई है, जो सरकार के लिए एक सकारात्मक संकेत है। करदाताओं की प्रतिक्रिया भी सकारात्मक रही है।
आयकर नियमों में बदलाव की जानकारी
अग्रवाल ने यह भी बताया कि 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए आयकर नियम और फॉर्म को साल के अंत या जनवरी 2026 तक अधिसूचित किए जाने की संभावना है।