14 साल बाद पूर्व वायु सैनिक के खाते में हुआ ‘चमत्कार’: 1600 छोड़े थे, मिले पूरे 22 लाख रुपये

कभी-कभी जिंदगी ऐसी करवट लेती है कि इंसान खुद भी यकीन नहीं कर पाता। कानपुर के बर्रा निवासी और पूर्व वायु सैनिक सुनित सिंह के साथ भी ऐसा ही चमत्कार हुआ। सालों पहले छोड़ा गया उनका पुराना बैंक खाता अचानक उनकी किस्मत चमकाने वाला बन गया। जिस खाते में 14 साल पहले मात्र 1600 रुपये बचे थे, उसी में आज 22 लाख रुपये जमा मिले।

यह मामला शुक्रवार को आयोजित RBI–MSME विशेष शिविर में सबसे चर्चित कहानी बन गया। बैंक अधिकारियों ने खुद सुनित के घर पहुंचकर उन्हें इस खुशखबरी से अवगत कराया।

कैसे भूला हुआ खाता बना जीवन की सबसे बड़ी खुशखबरी?

सुनित सिंह 2011 में वायुसेना की नौकरी से बाहर हो गए थे। उस वक्त पेंशन और अन्य वित्तीय लाभों की प्रक्रियाएँ उलझी रहीं। इसी दौरान उन्होंने अपना बैंक खाता जोरहाट (असम) से कानपुर कैंट शाखा में करवाया था। उस समय खाते में सिर्फ 1600 रुपये ही थे।

घर-परिवार की जिम्मेदारियों, आर्थिक संकट और मानसिक तनाव में वे खाते को पूरी तरह भूल गए। मोबाइल नंबर भी बंद हो गया, जिससे कोई अपडेट नहीं मिला।

5 दिन पहले दरवाजे पर आया बैंक कर्मचारी और बदल गई किस्मत

पांच दिन पहले इंडियन बैंक का एक कर्मचारी उनके घर पहुंचा और बताया कि उनके खाते में 22 लाख रुपये जमा हैं। सुनित और उनकी पत्नी रेणु सिंह को इस पर यकीन तक नहीं हुआ।

अगले ही दिन वे बैंक पहुंचे और पासबुक अपडेट होते ही जो आंकड़ा सामने आया उसे देखकर दोनों की आंखें भर आईं।
सुनित का कहना है—
“यह मेरी मेहनत की कमाई थी, जिसे बैंक की ईमानदारी ने वापस लौटा दिया।”

अन्य खाताधारकों की भी खुली किस्मत: दशकों बाद मिली जमा रकम
1. 15 साल बाद पति की कमाई पाकर रो पड़ी पुष्पा सैनी

रामादेवी निवासी पुष्पा सैनी के पति ने साल 2000 में उनके नाम से खाता खोला था। पति के निधन के बाद दस्तावेज मिलना बंद हो गया और खाता भूल गया।
शिविर में पहुंचने पर उन्हें अपने खाते में जमा 49,543 रुपये वापस मिले।

2. 13 साल बाद जागा नजीब इकबाल का खाता—मिले सवा तीन लाख

जाजमऊ निवासी नजीब इकबाल लेदर कारोबार में घाटा और निजी समस्याओं के कारण बैंक खाता भूल गए।
शिविर में दस्तावेज देने के बाद खाता सक्रिय किया गया और खाते में 3.25 लाख रुपये मिले।
नजीब बोले—
“यह रकम मेरे खराब वक्त को संभाल देगी।”

अभियान के परिणाम: 468 खाते फिर सक्रिय, लौटे 8.10 करोड़ रुपये

“आपका पैसा, आपका अधिकार” अभियान के तहत एमएसएमई कार्यालय फजलगंज में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जिले के 18 प्रमुख बैंकों ने स्टॉल लगाकर निष्क्रिय खातों का निपटारा किया।

जिले में कुल निष्क्रिय खाते: 9,31,174

इनमें अटकी राशि: 400 करोड़ रुपये

अब तक सक्रिय हुए खाते: 468

वापस लौटाई गई रकम: 8.10 करोड़ रुपये

यह मामला सिर्फ एक खुशकिस्मती की कहानी नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि निष्क्रिय खातों में पड़ी रकम कभी खोती नहीं है। सही जानकारी और पहल से वे वापस मिल सकती हैं।
अगर आपके या आपके परिवार के किसी सदस्य का पुराना बैंक खाता निष्क्रिय पड़ा है, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ा संकेत है—
अपना अधिकार जानें और बैंक से संपर्क करें।