Major relief in pollution crisis: GRAP-3 will provide allowance to unemployed workers
दिल्ली में दिवाली के दौरान PM2.5 प्रदूषण में 212% की वृद्धि दर्ज की गई। Climate Trends के विश्लेषण के अनुसार, 2021-2025 तक की सभी दिवाली में इस साल हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही।
दिवाली से एक दिन पहले: PM2.5 औसत 156.6 μg/m³
दिवाली के दिन: PM2.5 औसत 233.5 μg/m³
दिवाली के अगले दिन: PM2.5 औसत 488 μg/m³, रात में अधिकतम 675 μg/m³
विशेषज्ञों का कहना है कि पटाखों के धुएं के साथ-साथ कम हवा की गति और ठंडा मौसम भी प्रदूषण बढ़ाने का कारण रहे।
AQI का हाल और राजधानी के विभिन्न क्षेत्र
बवाना: AQI 417
इहबास: AQI 403
पंजाबी बाग: AQI 430
वजीरपुर: AQI 404
कुल मिलाकर 39 केंद्रों में से 36 में हवा बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सीधा असर देखा गया।
राजनीतिक बयान और सफाई प्रयास
Aam Aadmi Party ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा और कहा कि प्रदूषण रोकने में सरकार नाकाम रही।
वहीं, दिल्ली सरकार के मंत्री ने कहा कि:
27 लाख मीट्रिक टन कूड़ा हटाया गया, लक्ष्य 28 लाख
500 वर्गमीटर से बड़ी इमारतों पर रीयल-टाइम मॉनिटरिंग
इलेक्ट्रिक और CNG बसों के परिचालन से प्रदूषण में कमी
6,000+ उद्योगों को जीरो पल्यूशन श्रेणी में लाया
वाहन प्रदूषण नियंत्रण (PUC) पूरी तरह डिजिटल
पटाखों की बिक्री और सफाई की चुनौतियां
पटाखों की बिक्री में लगभग 40% इजाफा
सजावटी सामान और लाइट्स की भी मांग बढ़ी
सड़कों और पार्कों में पटाखों के बाद कूड़ा फैल गया
उपमहापौर ने सफाई निरीक्षण और निर्देश दिए
Delhi Diwali Pollution 2025 ने एक बार फिर प्रदूषण और स्वास्थ्य जोखिम की चिंता बढ़ा दी है।