दिवाली के बाद दिल्ली में ‘Smog Blanket’, हवा में घुला जहर! AQI 400 पार

दिवाली की रात पटाखों से भरी रही और उसका असर अब दिल्ली-NCR की हवा पर साफ दिख रहा है। राजधानी का औसत Air Quality Index (AQI) 347 तक पहुंच गया है, जो ‘Severe’ श्रेणी में आता है। स्थिति को देखते हुए GRAP-2 (Graded Response Action Plan – Stage 2) लागू कर दिया गया है।

Delhi Air Quality: दिवाली के जश्न के बाद ‘Toxic Air’ में सांस

दिवाली के अगले दिन दिल्लीवासियों की सुबह जहरीली हवा के साथ हुई। रातभर गूंजते फटाखों ने दिल्ली की हवा को ‘Hazardous Zone’ में पहुंचा दिया।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने केवल Green Crackers को रात 8 से 10 बजे के बीच फोड़ने की अनुमति दी थी, लेकिन शहर के कई इलाकों में रातभर आतिशबाजी जारी रही।
परिणाम — राजधानी की हवा ‘Very Poor’ से खिसककर ‘Severe’ श्रेणी में पहुंच गई। कई जगहों पर घना Smog छा गया और दृश्यता भी कम हो गई।

CPCB Data: दिल्ली के 36 स्टेशन पहुंचे ‘Red Zone’ में

Central Pollution Control Board (CPCB) की SAMEER App के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के 38 में से 36 एयर मॉनिटरिंग स्टेशन ने ‘Red Zone’ दर्ज किया है — यानी हवा बेहद खराब से गंभीर स्तर तक पहुंच चुकी है।
मंगलवार सुबह 6 बजे तक राजधानी का औसत AQI 347 दर्ज किया गया, जबकि कुछ इलाकों में यह 400 से ऊपर चला गया।

दिल्ली-NCR में प्रमुख इलाकों का AQI (सुबह 6 बजे तक)

  • बवाना – 418

     

  • वजीरपुर – 408

     

  • जहांगीरपुरी – 404

     

  • आईटीओ – 345

     

  • आया नगर – 349

     

  • चांदनी चौक – 347

     

  • आनंद विहार – 352

     

  • नोएडा – 324

     

  • ग्रेटर नोएडा – 288

     

  • गाजियाबाद – 326

     

  • गुरुग्राम – 338

     

इन आंकड़ों से साफ है कि दिल्ली ही नहीं, Noida, Gurugram और Ghaziabad में भी हवा का हाल बेहद खराब है।

GRAP-2 लागू: प्रदूषण रोकने के लिए सख्त कदम

बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए Commission for Air Quality Management (CAQM) ने रविवार को दिल्ली-NCR में GRAP Stage-2 लागू करने का निर्णय लिया। इसके तहत construction activities पर नियंत्रण, diesel generators के इस्तेमाल पर रोक और सड़कों की मशीनों से सफाई जैसे उपाय किए जा रहे हैं।
हालांकि, दिवाली पर फटाखों के अंधाधुंध इस्तेमाल ने इन प्रयासों को बेअसर कर दिया।

Supreme Court की Guidelines और Ground Reality

सुप्रीम कोर्ट ने 15 अक्टूबर को आदेश दिया था कि दिल्ली-NCR में केवल Green Crackers की बिक्री और उपयोग की अनुमति होगी, वह भी सीमित समय में — सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक।
लेकिन हकीकत यह रही कि curfew time के बाद भी पटाखे जलते रहे। देर रात तक धुएं और आवाजों ने शहर को प्रदूषण के धुंधलके में ढक दिया।
अब दिल्ली की हवा में PM2.5 और PM10 के स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गए हैं, जिससे सांस लेने में दिक्कत और respiratory problems बढ़ने की आशंका है।